नारनौल। बायल की पहाड़ियों में शुक्रवार को अवैध खनन माफिया ने वन विभाग की टीम पर हमला करने की कोशिश की। अवैध खनन में लगी बुलडोजर के चालक ने पीछा कर रहे वनकर्मी सिकंदर की बाइक पर बुलडोजर चढ़ा दी। गनीमत रही कि वनकर्मी ने चलती बाइक से कूदकर अपनी जान बचा ली। इसके बाद चालक ने बाइक को पूरी तरह कुचल दिया जिससे वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे वनरक्षक सिकंदर, ग्रुप-डी कर्मचारी मोहन और माली संजय बायल क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने एक बुलडोजर को देखा। वनकर्मियों को देखकर चालक बुलडोजर लेकर भागने लगा। वनकर्मी बाइक से उसका पीछा करने लगे। कुछ दूरी पर चालक ने अचानक बुलडोजर रोक दिया और फिर तेजी से उसे पीछे करने लगा।
बुलडोजर को पीछे आता देख वनरक्षक सिकंदर ने बाइक से कूदकर अपनी जान बचाई। इसके बाद चालक ने बुलडोजर को बाइक पर चढ़ा दिया जिससे बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस दौरान मोहन और संजय अन्य बाइक पर थे। बताया जा रहा है कि सामने से पुलिस की गाड़ी भी आ रही थी। आशंका है कि पुलिस वाहन को देखकर चालक ने अचानक बुलडोजर पीछे किया।
घटना की सूचना मिलने पर माइनिंग विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बुलडोजर जब्त कर लिया। वन राजिक अधिकारी रजनीश कुमार ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि अवैध खनन की सूचना पर वनकर्मी बुलडोजर का पीछा कर रहे थे। चालक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी गई है।
वन विभाग की टीम पर बीते वर्षों में हुए हमले
-16 सितंबर 2020 में कालबा गांव के पास वन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों व अतिक्रमण की जांच के दौरान वन कर्मियों पर जानलेवा हमला किया गया था। इस हमले में वन रेंज अधिकारी और डिप्टी रेंजर गंभीर रूप से घायल हुए थे।
-9 फरवरी 2025 को गांव सोहला की पहाड़ियों में अवैध रूप से हरे पड़ों की कटाई का निरीक्षण करने पहुंची वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया। बुलडोजर व ट्रेक्टर-ट्रालियों की सहायता से वन विभाग की गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। गनीमत रही कि वन विभाग के कर्मचारियों ने समय रहते गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचाई।
-11 फरवरी 2025 को महेंद्रगढ़ क्षेत्र में गश्त के दौरान वन विभाग की चलती गाड़ी के आगे तस्करों द्वारा पत्थरों से भरी ट्रैक्टर-ट्राली खाली करके रास्ता रोकने और टीम पर हमले का प्रयास किया गया जिसमें टीम बाल-बाल बची।
-6 दिसंबर 2025 को नारनौल में अवैध रूप से लकड़ी खुर्द-बुर्द किए जाने की सूचना पर जांच करने गए वन रक्षक और चौकीदार पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया था। कर्मचारियों को कुछ देर बंधक बनाकर उनके मोबाइल और सरकारी गाड़ी की चाबी भी छीन ली गई थी।