महेंद्रगढ़/कनीना/सतनाली। क्षेत्र में शनिवार की अलसुबह लगभग 24 एमएम बारिश हुई। महेंद्रगढ़ की बजाय सतनाली, कनीना क्षेत्र में बारिश अधिक हुई है। बारिश की वजह से गांव नांगल हरनाथ में ब्लॉक समिति सदस्य का मकान और बोरवेल धंस गया। इसके अलावा खेतों में पानी भर गया। वहीं सतनाली तथा आसपास के गांवों में अधिक बारिश होने की वजह से अंडर पास भर गए।
अंडर पास भरने से वाहन वहां से नहीं गुजर पा रहे थे जिससे एक निजी स्कूल संचालक को छुट्टी करनी पड़ी। तेज हवा के कारण गांव नावां से सतनाली मार्ग पर पेड़ टूटकर गिर गए। जिससे आने जाने वाले राहगिरों को पेरशानी का सामना करना पड़ा। महेंद्रगढ़ शहर में बारिश का ज्यादा प्रभाव देखने को नहीं मिला। बारिश की वजह से बाजारों तथा स्टेट हाईवे पर बने गड्ढों में पानी भर गया जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा।
क्षेत्र में शनिवार की अलसुबह जमकर बारिश हुई। बारिश की वजह से रास्तों और खेतों में पानी भर गया। इससे आमजन को परेशानी उठानी पड़ी। वहीं कनीना जितेंद्र कुमार वार्ड नं 26 ब्लॉक समिति मेंबर ने बताया कि बीती रात से लगातार बारिश हो रही थी जिससे आसपास के खेतों में भारी जलभराव हो गया। उसके कारण एक मकान और एक बोरवेल धंस गया। इसके अलावा मोटर चलाने स्टार्टर का कमरा भी धंस गया। जितेंद्र कुमार ने बताया कि जब हमने संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की तो शनिवार होने के कारण लगभग अधिकारी छुट्टी पर मिले। यहां तक कि दुर्घटना को चार से पांच घंटे बीत जाने के बाद भी बिजली निगम के अधिकारियों ने थ्री फेस लाइन के तार जो टूटकर बाहर बिखरे पड़े थे। जिससे बड़ा हादसा हो सकता था उसे हटाना तक उचित नहीं समझा। बिजली निगम के उच्च अधिकारियों से संपर्क साधने के बाद लाइनमैन आए और ट्रांसफार्मर से लाइन हटवाई गई। इस समय बबरूभान, निहाल सिंह, मनोज, अभिमन्यु, शत्रुघन, राकेश, प्रवीन, निहाल सिंह व गांव के ग्रामीण मौजूद रहे।
सतनाली क्षेत्र में जमकर हुई बारिश, अंडरपास व मुख्य रास्तों पर भरा पानी:
सतनाली कस्बे के मुख्य चौक, पुराना बस स्टैंड, लोहारू चौक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, अनाज मंडी, लोहारू रोड, महेंद्रगढ़ टी प्वाइंट व गौशाला के पास मार्ग पर बारिश का पानी जमा हो गया। इससे कस्बा वासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके साथ-साथ तेज हवा के कारण गांव नावां में पेड़ भी टूटकर गिर गए। इससे आने जाने वाले राहगिरों को पेरशानी का सामना करना पड़ा। इसके पश्चात गांव नावां के युवा समाजसेवियों व ग्रामवासियों ने ही पेड़ों को हटाकर रास्ता चालू किया।