अधिकारियों की बैठक लेते सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव।
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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव ने कहा कि सरकार ने पिछले पांच साल में जीरो टोलरेंस की नीति पर काम किया है। अब जहां भी कमी देखी गई है उसे दूर करेंगे। इसके लिए अधिकारी सकारात्मकता का भाव रखें, ताकि जनहित के काम में और तेजी आए।
यादव सोमवार को पंचायत भवन में आयोजित बैठक में अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। राज्यमंत्री ने कहा कि विधायिका व कार्यपालिका के बीच पूरा सामंजस्य होना चाहिए। अगर किसी काम में सरकार स्तर की कोई बात है तो अधिकारी तुरंत बेझिझक बताएं। वे खुद मुख्यालय जाकर उस काम को पूरा कराएंगे। यादव ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शुरू कराए गए हैं। जिस कारण लोगों ने दोबारा अगले पांच साल के लिए काम करने का मौका दिया है। पांच साल भी अधिकारी पूरी निष्ठा के साथ काम करें। किसी भी काम में टरकाऊ रवैया नहीं होना चाहिए। राज्य मंत्री ने जनस्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि शहरों में सीवरेज से संबंधित बहुत समस्याएं आ रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को एक सप्ताह में विशेष अभियान चलाकर इसे दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इस बैठक में अटेली के विधायक सीताराम यादव, उपायुक्त जगदीश शर्मा, पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण, बीजेपी जिला प्रधान शिव कुमार महता, नगर परिषद चेयरपर्सन भारती सैनी के अलावा अन्य अधिकारी व पार्टी पदाधिकारी मौजूद थे।
ट्यूबवेल कनेक्शन का काम शुरू, चार माह में होगा पूरा
राज्यमंत्री ने बैठक में बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार डार्क जोन से बाहर वाले जिन किसानों ने 31 दिसंबर 2018 तक ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। उन्हें जल्द कनेक्शन जारी करें। बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता ने बताया कि जिले में इस श्रेणी में 568 किसानों ने सामान के पैसे जमा करवा दिए हैं और इनके आवेदन सही पाए गए हैं। चार माह के अंदर-अंदर ट्यूबवेल कनेक्शन जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजाई के सीजन में बिजली व खाद की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। किसानों के लिए बिजली का 10 घंटे का शेड्यूल निर्धारित है। इस दौरान किसी प्रकार का कट नहीं लगना चाहिए। ऐसे में बिजाई सीजन पर अधिकारी और अधिक सतर्कता के साथ काम करें। कृषि विभाग को निर्देश दिए कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। जिले में यूरिया का पूरा स्टाक पहले से ही रखें ताकि किसानों को परेशानी न हो।