महेंद्रगढ़ जिले में बड़े पॉल्ट्री फार्म नहीं हैं। यहां पर मीडियम या स्माल स्केल के पॉल्ट्री फार्म हैं। जिसमें औसतन एक हजार से 25 हजार तक बर्ड हैं। जिले में कनीना क्षेत्र में ही सबसे अधिक संख्या में पॉल्ट्री फार्म हैं। जिलेभर में कुल 200 पॉल्ट्री फार्म हैं। सभी पॉल्ट्री फार्म संचालकों को एहतियात बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। पक्षियों की मौत होने पर तुरंत विभाग को सूचित करें।
मुर्गियों के 96 सैंपल लिए गए हैं। यह हमारी हर महीने की प्रक्रिया का हिस्सा है। जिसमें 17 बीमारियों की टेस्टिंग होती है। बर्ड फ्लू के अलावा 16 अन्य बीमारियों की जांच के लिए यह सैंपल लैब भेजे जाते हैं। जालंधर लैब में इन सैंपल का टेस्ट होगा। कबूतर मृत मिलने की शिकायत आई है। शनिवार को टीम मौके पर जाकर सैंपल लेगी। डॉ. नसीब सिंह, उप निदेशक, पशुपालन विभाग, महेंद्रगढ़।
जींद में दस कौवों की मौत
उधर, जींद में पशुपालन विभाग चौकस हो गया है। वहीं नरवाना उपमंडल के कलौदा गांव में 10 कौवों की संदिग्ध हालात में मौत ने पशुपालन विभाग को सकते में डाल दिया है। हालांकि पशुपालन विभाग फिलहाल कीटनाशक या ठंड लगने से कौवों की मौत बता रहा है। लेकिन जांच के लिए सैंपल जालंधर स्थित लैब भेज दिए हैं। दूसरी ओर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पशुपालन विभाग ने 48 तीव्र कार्रवाई दल गठित कर दिए हैं। इसके लिए 24 घंटे चलने वाली हेल्पलाइन भी शुरू की गई है। हालांकि पशुपालन विभाग आश्वसत है कि अभी तक जींद जिले में बर्ड फ्लू का कोई मामला नहीं है।
दरअसल, गुरुवार को कलौदा गांव के खेतों में 10 कौवे मरे मिले थे। इस पर पशुपालन विभाग ने मौके पर पहुंचकर सभी के सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए। इसके बाद कौवों के शवों को चूना डालकर सुरक्षित तरीके से दफना दिया। पशुपालन विभाग के उप पशुपालन निदेशक डॉ. रविंद्र हुड्डा के अनुसार फिलहाल जिले में बर्ड फ्लू का कोई मामला नहीं आया है। किसान किसी भी स्थित में 01681-245229 नंबर पर सूचना दे सकते हैं।