नारनौल। भगवान शंकर के प्रिय सावन महीने की शुरूआत उनके रोद्र रूप हनुमानजी के वार मंगलवार से शुरू हुई। इसके चलते लोगों में शिव पूजन के लिए विशेष उत्साह देखा गया। इस बार शिवालयों में भगवान शंकर के जयकारे 58 दिनों तक गूंजेंगे और आठ सोमवार इस बार सावन में आएंगे। सावन के पहले दिन मंगलवार को शहर के सभी शिवालयों में अनेक भक्तों ने भगवान शंकर का जलाभिषेक कर पूजा-अचर्ना की, लेकिन शहर के प्रसिद्ध मोड़ावाला मंदिर व छोटा-बड़ा तालाब शिव मंदिर में भक्तों का जलाभिषेक करने के लिए तांता लगा रहा। सावन महीने में भगवान शिव की पूजा का महत्व बताते हुए आचार्य देवदत्त शास्त्री, क्रांति निर्मल शास्त्री, पंडित देवकीनंदन शर्मा तथा आचार्य राजेश बोहरा आदि ने बताया कि हिंदू कैलेंडर के अनुसार सावन का महीना पांचवां महीना होता है। आषाढ़ खत्म होते ही श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से सावन का पवित्र महीना शुरू हो जाता है। इस माह को श्रावण के नाम से भी जाना जाता है। श्रावण का महीना भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना होता है। पंडितों ने बताया कि इस वर्ष सावन का महीना दो महीनों तक चलेगा यानि सावन में 58 दिन तक शिव आराधना और पूजा-पाठ का दौर चलेगा। दरअसल सावन के महीने में अधिकमास पड़ने के कारण सावन का महीना एक के बजाय दो महीनों का होगा। उन्होंने बताया कि 19 वर्षों के बाद इस तरह का संयोग दोबारा बना हुआ है जब सावन के महीने में अधिकमास आया है।