फोटो नंबर-12अनाज मंडी की रामलीला में राम-भरत मिलाप की लीला का मंचन करते कलाकर। संवाद
नारनौल। अनाज मंडी स्थित श्री कृष्णा ड्रामेटिक क्लब के मंच पर भगवान नारायण सेवा संस्था ने सातवें दिन भी रामलीला का मंचन किया।
रामलीला कमेटी के प्रभारी दयानंद सैनी ने बताया कि लीला का आरंभ प्रभु श्रीराम के वनगमन से हुआ, जहां मार्ग में उनकी भेंट केवट से होती है। केवट ने भगवान राम को गंगा पार कराया। इसके बाद सुमंत अयोध्या लौटकर दशरथ को राम के वनगमन का समाचार देते हैं। राम-वियोग में राजा दशरथ अपने प्राण त्याग देते हैं।
इसके बाद भरत और शत्रुघ्न नौनिहाल से लौटकर माता कैकेयी को खरी-खोटी सुनाते हैं तथा राम को वापस लाने वन में जाते हैं। भरत राम से अयोध्या लौटने का आग्रह करते हैं लेकिन प्रभु अपने वचन पर अडिग रहते हैं।
भरत प्रभु की चरण पादुका लेकर अयोध्या लौटते हैं और संकल्प लेते हैं कि 14 वर्ष का वनवास पूरा होने पर ही प्रभु आएंगे। इसके बाद लीला में विराध राक्षस वध का प्रसंग भी मंचित किया गया। रामलीला कमेटी के प्रधान मोनू भाटा ने बताया कि राम का किरदार अरविंद गर्ग, लक्ष्मण का मनोज निर्मल, सीता का विवेक शर्मा, दशरथ का संजय दुलगच, भरत का कनिष्क कोहली, शत्रुघ्न का दीपक कोहली और वशिष्ठ का संजय प्रजापति ने प्रभावी ढंग से निभाया। वहीं सुमंत का अभिनय सोनू शर्मा तथा कैकेयी का सतीश बेदी ने किया। कलाकारों के उत्कृष्ट अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। मंच संचालन भारत भूषण तायल ने किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विनोद सैनी प्रधान मंगलमुखी किन्नर समाज रहे, जिन्होंने गणेश पूजन कर मंचन का शुभारंभ किया।