फोटो- 08कथा वाचन करते कथा वाचक। स्त्रोत- संस्था
नारनौल। चौधरी शिवदयाल चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित मोहल्ला चौधरियान में श्री राम कथा के दूसरे दिन लक्ष्मण दास महाराज ने भगवान शिव और पार्वती की कथा सुनाई। इसमें भगवान शंकर के विवाह व दिव्य देवताओं और भूत प्रेतों सहित बारात की बहुत सुंदर झांकी भी दिखाई गई।
लक्ष्मण दास महाराज ने बताया कि माता सती ने अभिमान वश कुंभज ऋषि से श्री राम की कथा को नहीं सुना और श्री राम पर संदेह किया। उसके बाद माता सती बिना बुलाए अपने पिता के यज्ञ में गईं। जहां भगवान शंकर का और अपना अपमान सहन नही कर सकीं। योग अग्नि के द्वारा अपने शरीर को जलाकर भस्म कर दिया, लेकिन माता सती ने दोबारा जन्म लिया। इसके बाद हर-गौरी का विवाह आनंदपूर्वक संपन्न हुआ। विष्णु भगवान व अन्य देव और देव-रमणियों ने नाना प्रकार के उपहार भेंट किए। ब्रह्माजी ने वेदोक्त रीति से विवाह करवाया। विवाह उत्सव का आनंद लेते हुए सभी ने झूमकर नाच कूद कर अपनी हाजिरी लगाई। इस दौरान मुख्य यजमान आकाश चौधरी ने पत्नी के साथ श्री रामचरित मानस का पूजन किया।