बिजली कर्मचारियों ने मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग नहीं होने पर राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस को नहीं मनाने का ऐलान किया है। कर्मचारियों का धरना आज बुधवार को आठवें दिन में जारी रहा। उन्होंने प्रदेश सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि आज बुधवार को गाहड़ा गांव के दो आरोपियों देशराज व कालिया ने पुलिस थाने में सरेंडर कर दिया है। पुलिस गिरफ्त में आए दो आरोपियों को लेकर बिजली कर्मचारियों ने कुछ हद तक राहत की सांस ली है लेकिन उन्होंने 50-60 अन्य नामजदों की गिरफ्तारी की मांग की है।
सब यूनिट प्रधान सत्यवीर सिंह की अध्यक्षता में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। विरोध प्रदर्शन कर रहे जेई छोटे लाल, जितेंद्र यादव, ब्रह्मप्रकाश, रामरतन शर्मा गोमली, विकास जांगड़ा, आनंद सिंह, पवन कुमार शर्मा, सत्यवान सिंह, बलबीर सिंह एलडीसी, अजीत सिंह, राजेंद्र कुमार, पवन कुमार, रमेश चंद, अजय कुमार, जितेंद्र कुमार ने कहा कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो उनके द्वारा राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस नहीं मनाया जाएगा।
सत्यवीर यादव ने कहा कि बीती 17 जनवरी को गाहड़ा गांव में बिजली कर्मचारियों की एक टीम बिजली चोरी पकड़ने के लिए गई थी। जिसे मकान मालिक तथा ग्रामीणों ने बंधक बनाने सहित उनके रजिस्टर व कैमरे आदि छीन लिए व उनके साथ मारपीट भी की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने देशराज व कालिया सहित 50-60 अन्य ग्रामीणों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया था। उनकी गिरफ्तारी के लिए सभी बिजली कर्मचारी एकजुट होकर पावर हाउस पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
रामरतन शर्मा नेे बताया कि बिजली चोरी रोकने गाहड़ा गई टीम में निगम के जेई हकीकत राय, एलएम देवेंद्र, जेई आनंद प्रकाश, जेई जितेंद्र कुमार, सतीश, विकास व पुलिस की ओर से एचजी सज्जन सिंह व गाड़ी चालक कृष्ण कुमार शामिल थे। ग्रामीणों ने उक्त टीम को एलएल-1 भरते समय बंधक बना लिया था।बिजली निगम के एसडीओ ललित मोहन शर्मा ने कहा कि बिजली चोरी रोकने के लिए गाहड़ा गांव गई टीम के साथ मारपीट करने के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रशासन को बार-बार अवगत कराया जा रहा है। उनकी ओर से जल्द ही गिरफ्तारी का आश्वासन मिला है।