रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया लिपिक विकास कुमार।
- फोटो : Narnol
हरियाणा सरकार भ्रष्टाचार मुक्त सरकार होने के लाखों दावे करे, परंतु प्रदेश में भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा। आए दिन रिश्वतखोरी के मामले सामने आ रहे हैं। वीरवार को ऐसा ही एक मामला नारनौल में सामने आया। बीडीपीओ कार्यालय में कार्यरत लिपिक को विजिलेंस टीम ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
राज्य चौकसी ब्यूरो की टीम ने गांव लहरोदा निवासी सुरजभान की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए लिपिक विकास को रंगेहाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार गांव लहरोदा निवासी सुरजभान से लिपिक विकास कुमार ने लालडोरा में खसरा नंबर 129 के प्लॉट का मालिकाना हक व नकल देने के लिए 20 हजार रुपये की मांग की थी। सुरजभान ने इसकी शिकायत राज्य चौकसी ब्यूरो में दी। शिकायत पर विजिलेंस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तहसीलदार विकास कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। निरीक्षक नवल किशोर शर्मा के नेतृत्व में टीम में उपनिरीक्षक जयचंद, हवलदार रविंद्र, सिपाही रवि व उदयवीर को शामिल किया गया। विजिलेंस टीम ने शिकायतकर्ता सुरजभान को 20 हजार रुपये दिऐ। इसके बाद लिपिक को 20 हजार रुपये देने के लिए सुरजभान बीडीपीओ कार्यालय पहुुंचा। इस पर लिपिक ने कार्यालय में पैसे न लेकर बीडीपीओ कार्यालय के सामने बिजली निगम कार्यालय की खाली जगह पर बुलाया। विजिलेंस टीम भी सुरजभान को बताई हुई जगह पर पहुंच गई। सुरजभान ने लिपिक विकास कुमार को 20 हजार रुपये देते ही विजिलेंस टीम को इशारा करते ही रंगेहाथ पकड़कर गिरफ्तार कर लिया। निरीक्षक नवल किशोर शर्मा ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। इसके बाद मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।