फोटो- 01आईटीआई के छात्रों द्वारा तैयार की गई बैटरी से चलने वाली बोट। संवाद
नारनौल। राजकीय आईटीआई मैदान में चल रहे गीता महोत्सव में जिले के प्रत्येक विभाग ने स्टॉल लगाया है। कर्मचारी आगंतुकों को अपने विभाग की योजनाओं की जानकारी भी रहे हैं। इसके बावजूद सबसे ज्यादा भीड़ आईटीआई के स्टॉल पर देखी गई। यहां पर सबसे ज्यादा ध्यान बैटरी से चल रही बोट आकर्षित कर रही है। यह बोट आईटीआई के शीट मेटल विभाग के विद्यार्थी ब्रह्मप्रकाश व अनीश ने अनुदेशक हरीश दहिया के दिशा निर्देशानुसार महज एक सप्ताह के परिश्रम के दौरान तैयार की है।
बच्चों ने बताया कि सबसे पहले उन्होंने कोल्ड ड्रिंक के केन को एकत्रित किया और बहुत सारे केन जमा करने के बाद अनुदेशक के निर्देशानुसार उनकी कटिंग कर सभी को जोड़ते हुए एक बोट का आकर दिया गया। इसको बनाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि किसी भी तरह से पानी बोट के अंदर प्रवेश न करने पाए। इसके बाद जब बोट बनकर तैयार हो गई तो इसमें एक डीसी बैटरी लगाई गई। इस बैटरी से बोट के पीछे एक पंखे को कनेक्ट किया, जो बोट को पानी में चलने में मदद करेगा। इन सबके के बाद इसका पानी में चलाकर परीक्षण किया, जो सफल रहा।
इंसेट
एंटिना करेगा रडार का काम
अनुदेशक हरीश दहिया ने बोट पर लगे एंटिना के बारे में बताया कि अभी तो यह सिर्फ डेमो है, लेकिन वह और उनके बच्चे इस पर रिसर्च कर रहे हैं कि एंटिना की मदद से समुद्र या नदी में खासकर रात में सटीक रास्ता दर्शाने के लिए बतौर रडार का काम करे। बताया कि इस साल बिहार सहित कई प्रांतों में बाढ़ जैसे हालात रहे थे और ऐसे में सरकार की ओर से लगातार रेस्क्यू ऑप्रेशन जारी रहे थे। उसी दौरान उनके मन में एक ऐसी बोट बनाने का विचार आया, जो कम खर्च में तैयार हो, चलने में तेज हो और उसमें डीजल व पेट्रोल का खर्चा भी न हो। इस बारे में जब उन्होंने बच्चों से बात की तो सबकी सोच के अनुसार उन्होंने ये बोट तैयार की।