फोटो 04 बार एसोसिएशन के रजिस्ट्रेशन की कॉपी। संवाद
नारनौल। जिले में वर्ष 1962 से अस्तित्व में आए जिला बार एसोसिएशन का पंजीकरण अब 27 सितंबर को हुआ है। रजिस्टर्ड होने के बाद अब बार एसोसिएशन को अन्य लाभ और फंड मिल सकेेंगे। इससे पूर्व एसोसिएशन बिना रजिस्ट्रेशन के काम कर रहा था। वर्ष 2015 में आए रूल्स के बाद 9 प्रधान आए और गए लेकिन किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया।
जिला बार एसोसिएशन वर्ष 1962 से काम कर रहा है लेकिन तब से लेकर अब तक इसका रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया गया था। इन 63 वर्षों में एसोसिएशन के 37 प्रधान बन चुके हैं लेकिन बार के रजिस्ट्रेशन को लेकर किसी ने भी दिलचस्पी नहीं दिखाई।
साल 2015 में पंजाब एंड हरियाणा चंडीगढ़ की बार काउंसिल की ओर से रूल लागू किए गए थे। इसमें पूरे प्रदेश के अपंजीकृत सभी बार एसोसिएशन का रजिस्ट्रेशन करवाना था। इसके बाद भी 10 साल बीत जाने के बाद 9 प्रधान आए व गए लेकिन रजिस्ट्रेशन का कार्य किसी ने नहीं करवाया। अब 27 सितंबर को जिला बार एसोसिएशन का पंजीकरण हुआ है।
अब मिलेंगे पूरे लाभ
रजिस्टर्ड हो जाने के बाद अब बार एसोसिएशन को एक रजिस्टर्ड संस्था माना जाएगा और एक रजिटर्ड संस्था को जो लाभ मिलते हैं, वो सभी लाभ भी मिलेंगे। अब एसोसिएशन बार के खाते को आसानी से इस्तेमाल कर सकेगी। इसके तहत कैंटिन, फोटो स्टैट, पार्किंग, खोखे व नक्शा नवीस आदि से जो फंड आता है, उसका इस्तेमाल अब वकीलों व आमजन के हित में किया जा सकेगा।
वर्जन
वर्ष 2015 में अपंजीकृत बार एसोसिएशनों का पंजीकरण कराने का नियम आया था। इसके तहत जो भी बार रजिस्टर्ड नहीं थी, उसका रजिस्ट्रेशन करवाना था। तब से लेकर अब तक कई रिमांइडर भी आ चुके थे। अब बार एसोसिएशन का रजिस्ट्रेशन दिया गया है। पैन कार्ड भी बनवा लिया गया है।- संतोख सिंह यादव, प्रधान, बार एसोसिएशन, नारनौल।