नारनौल। बैंक खाता डी-फ्रीज कराने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोपी यूपी पुलिस के कांस्टेबल सतेंद्र की अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। यह फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हर्षाली चौधरी ने सुनाया।
आरोपी सतेंद्र राजस्थान के झुंझुनूं जिले के पचेरी छोटी गांव का रहने वाला है। वह वर्तमान में उत्तर प्रदेश के साइबर थाना सुल्तानपुर में तैनात है।मामला 14 अप्रैल 2026 को दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। इसमें भ्रष्टाचार की कई धाराएं लगाई गई हैं।
शिकायतकर्ता नीरज ने विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत दी थी। आरोप है कि उसका बैंक ऑफ बड़ौदा महेंद्रगढ़ वाला खाता साइबर थाना सुल्तानपुर ने फ्रीज किया था। खाता डी-फ्रीज कराने के बदले उससे 10 हजार रुपये की मांग की गई। शिकायतकर्ता को मोबाइल के जरिए संपर्क कर महाबीर चौक नारनौल बुलाया गया था।
आरोप है कि यह रकम खाते को चालू कराने के नाम पर अवैध रूप से मांगी जा रही थी। इस मामले में गौरव नाम के एक अन्य युवक का भी नाम सामने आया है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। जांच अभी जारी है।