संवाद न्यूज एजेंसी
नारनौल। देश और धर्म की रक्षा के लिए बाबा बंदा सिंह बहादुर का बलिदान विषय पर नारनौल स्थित कार्यालय पर आयोजित संगोष्ठी में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया गया।
शिक्षाविद प्रोफेसर विजेंद्र शर्मा ने कहा बाबा बंदा बहादुर सिंह एक महान सिख योद्धा थे, जिन्होंने मुगल शासन के खिलाफ लड़कर एक स्वतंत्र खालसा राज्य की स्थापना की। उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह के बाद सिख साम्राज्य की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बंदा सिंह बहादुर ने मुगल शासकों के खिलाफ आक्रामक युद्ध छेड़े और उत्तर भारत के बड़े हिस्से को मुगल शासन से मुक्त कराया।
संगोष्ठी के संयोजक सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. आरके जांगड़ा विश्वकर्मा ने कहा पंजाब में खालसा शासन की स्थापना के साथ पहले सिख साम्राज्य की नींव रखी। उन्होंने सामाजिक सुधारो के अंतर्गत किसानों को जमींदारों की दासता से मुक्त किया था।
धार्मिक सहिष्णुता के मार्ग पर चलते हुए बंदा सिंह बहादुर ने राज्य में मुसलमानों को धार्मिक स्वतंत्रता दी थी और उनकी सेना में पांच हजार मुसलमान भी थे। उन्होंने कहा बाबा बंदा सिंह बहादुर भारतीय इतिहास में ऐसे महान वीर योद्धा, समाज सुधारक और प्रेरणा स्रोत महापुरुष रहे हैं। इस अवसर पर राकेश कुमार, राजेश यादव, अरुण शर्मा, विनय यादव, विजेंद्र शर्मा, अजीत सिंह, राजकुमार शर्मा, अमरजीत सिंह, महेंद्र सिंह, ललित कुमार आदि विशेष रूप से उपस्थित थे।