ारनौल। आयुष्मान भारत योजना का लाभ अभी भी सैकड़ों बीपीएल परिवारों को नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए लोग स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन का चक्कर लगा रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को सभी बीपीएल परिवारों को इस योजना का लाभ देना चाहिए। एक साल में भी सरकार ने इस दिशा में पहल नहीं की।
बता दें कि आयुष्मान भारत योजना के तहत उनका ही गोल्डन कार्ड बनाया जाएगा, जिनका नाम वर्ष 2011 में हुए सामाजिक आर्थिक जनगणना के आधार पर सूची में शामिल है। दूसरा इस योजना में शामिल व्यक्ति के अलावा उनके परिवार के सदस्यों के नाम भी जोड़े जा सकते हैं। ऐसे में काफी संख्या में बीपीएल परिवार आयुष्मान योजना में जुड़ने चाहते हैं ताकि उन्हें भी इस सेवा का लाभ मिल सके। ऐसे में दिव्यांग, विधवा समेत अन्य लोग अब भी इस योजना से वंचित है।
बीपीएल परिवार के लोग लगा रहे हैं चक्कर
वेलफेयर जैलाफ के छाजूराम रावत ने बताया कि गांव में करीब बीस बीपीएल परिवार है। इन परिवारों को आयुष्मान भारत से जोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग व डीआरडीए में आवेदन किया था। उन्हें बताया गया कि नए बीपीएल परिवारों को अभी इस योजना में नहीं जोड़ा जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता छाजूराम ने कहा कि गांव में लोग कैंसर, हॉर्ट समेत अन्य बीमारियों से पीड़ित है। यदि गरीब परिवार आयुष्मान भारत से जुड़ जाए तो उन्हें भी सस्ते दर पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
मोहल्ला रावका निवासी राज कुमार ने कहा कि सरकार को वर्ष 2011 के बाद के बीपीएल परिवारों को इसमें जोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुराने डाटा के आधार पर योजना का लाभ देना उचित नहीं है। योजना का लाभ सभी गरीबों को मिलना चाहिए। ऐसे कई बीपीएल परिवार के लोग रोजाना आयुष्मान योजना में अपना नाम होने के बारे में जानकारी लेने अस्पताल पहुंचते हैं। मेहरचंद्र ने कहा कि कई सालों से बीपीएल में नाम शामिल है। लेकिन, आयुष्मान योजना में नाम नहीं है। आयुष्मान भारत के सूचना प्रबंधक उमेश सैनी ने कहा कि इस बारे में सरकार को फैसला लेना है। अभी साल 2011 सामाजिक आर्थिक जनगणना के आधार पर लोगों का सूची में नाम शामिल है।
आयुष्मान भारत के प्रति लोगों को किया जागरूक
नारनौल। आयुष्मान भारत पखवाड़ा के तहत सोमवार को नागरिक अस्पताल में जागरूकता अभियान चलाया गया। इसमें ओपीडी, अस्पताल कैंपस के बाहर, आयुष केंद्र समेत अन्य विंगों में लोगों को आयुष्मान योजना के बारे में जानकारी दी गई। लोगों को आयुष्मान योजना से संबंधित पंपलेट भी बांटे गए। आयुष्मान भारत के नोडल अधिकारी अधिकारी व डिप्टी सीएमओ डॉ. डीके सैनी ने बताया की इसके तहत 15 दिन विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा। उन्होंने बताया कि विभाग का लक्ष्य है कि योजना में शामिल सभी लोगों गोल्डन कार्ड बनवा दिए जाए। डॉ. सैनी ने कहा कि पात्र लोग पास के आयुष्मान केंद्र से गोल्डन कार्ड बनवा लें। इस मौके पर डिप्टी एमएस डॉ. राजेश कुमार, सूचना प्रबंधन उमेश सैनी, आयुष्मान मित्र प्रदीप, अंजू यादव, सुनील, दीपू व सक्षम युवा मौजूद थे।