नारनौल। शहरी क्षेत्र में ऑटो चालकों ने बैठक कर ऑटो के किराये में 10 रुपये बढ़ाने का निर्णय लिया है। ऑटो का किराया 13 वर्षों से 10 रुपये था। अब 20 रुपये हो गया है। ऑटो चालकों ने यह निर्णय पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम बढ़ने के कारण उठाया है।
ऑटो चालकों का कहना है कि आज से दस साल पहले डीजल, पेट्रोल के जो दाम थे, उनमें अब तक 35 से 40 प्रतिशत तक की वृद्धि हो गई है। इस कारण 10 रुपये किराये में बचत निकालना मुश्किल था। इससे नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसलिए ऑटो चालकों ने बैठक कर 13 साल से चल रहे किराये में बढ़ोतरी का निर्णय लिया है।
शहर में एक स्थान से दूसरे स्थान पर आवागमन के लिए ऑटो महत्वपूर्ण है। शहरी क्षेत्र में इस समय करीब 1 हजार ऑटो संचालित हैं। यह रोजगार के प्रमुख साधनों में से एक है। शहर में आज से करीब 30 वर्ष पहले ऑटो सेवा की शुरूआत हुई थी। उस समय किराया 2 रुपये होता था। तीस वर्ष बाद ऑटो के स्वरूप में काफी बदलाव देखने को मिला। शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र के रूट पर भी ऑटो लोगों की अनिवार्य जरूरत बन गया है।
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कहां से कहां तक लिए जाएंगे 20 रुपये
किराया केवल शहरी क्षेत्र के ऑटो चालकों ने बढ़ाया है। जानकारी के अनुसार शहरी क्षेत्र में संचालित ऑटो चालकों की कोई यूनियन नहीं है। सभी ऑटो चालकों ने मिलकर बैठक किया। सर्वसम्मति से 10 रुपये किराया बढ़ाने का निर्णय लिया। इसके बाद अब बस स्टैंड से महावीर चौक, होंडा चौक, सैनी धर्म कांटा, सुभाष स्टेडियम, मेहता चौक, किला रोड, गर्ल कॉलेज, सरकारी अस्पताल, पुलिस लाइन, बहादुर सिंह तालाब तक 20 रुपये किराया लगेगा। हालांकि रेलवे स्टेशन के लिए ऑटो चालक पहले से ही 20 रुपये किराया ले रहे हैं।
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बस स्टैंड से वापस बस स्टैंड आने तक औसतन पांच सवारियां एक चक्कर में मिलती हैं। पूरे दिन चक्कर लगाने के बाद भी खर्च निकालना मुश्किल हो रहा था। इसलिए सभी ऑटो चालक ने किराया बढ़ाने का निर्णय लिया है।-हरदयाल, मोहल्ला कोलियान
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दस रुपये के किराये में ईंधन का खर्च निकालने के बाद बहुत कम बचत निकल पा रही थी। इस कारण घर खर्च और ऑटो की किस्त निकालना मुश्किल हो रहा था। किराया केवल 10 रुपये बढ़ाया गया है, ताकि आमजन को भी परेशानी न हो।-सोहन लाल, पुरानी मंडी