नोटबंदी को 46 दिन बीत चुके हैं परंतु शहर के एटीएम में कैश नहीं डाला जा रहा है। नोटबंदी के बाद कैश की समस्या खत्म नहीं हुई है। लोगों को एक महीने बाद एटीएम चालू होने की जो उम्मीद थी, वह अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। बैंकों की दो दिन की छुट्टी होने के बाद कैश निकलवाने के लिए एटीएम ही सहारा था, लेकिन एटीएम उपभोक्ताओं का सहारा नहीं बन पाई है। शनिवार को अमर उजाला की टीम ने शहर के एटीएम की पड़ताल की तो किसी भी एटीएम में कैश नहीं मिला। लोग इधर से उधर कैश के लिए भटकते नजर आए। कुछ एटीएम के शटर गिरे थे तो कुछ एटीएम से केवल स्लिप निकल रही थी। एटीएम बूथ पर सीसीटीवी कैमरे भी चालू हालत में नहीं थे। एक दो एटीएम बूथों को छोड़कर कहीं पर भी गार्ड नहीं थे। इस दौरान टीम ने विभिन्न एटीएम बूथों पर जाकर उपभोक्ताओं से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि एटीएम का हाल बेहाल है।
22 में से आठ को शटर गिरा, शेष में कैश नहीं
शहर में 22 एटीएम में कैश नहीं था। 22 में से 8 एटीएम बूथों को शटर गिरा हुआ था। शहर में पीएनबी के दो एटीएम, कारपोरेशन, एचडीएफसी के एक, एसबीआई के दो, बैंक ऑफ बड़ौदा के एक, पटियाला बैंक के दो एटीम पर शटर गिरा था जबकि शेष 14 एटीएम में कैश ही नहीं था। नगर में कुछ ऐसे एटीएम भी हैं जिनमें नोटबंदी के बाद एक बार भी कैश नहीं डाला गया। सतनाली चौक पर स्थित पीएनबी एटीएम, सिनेमा रोड पर पीएनबी एटीएम, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया ऐसे बूथ हैं, जहां पर नोटबंदी के बाद कैश नहीं डाला गया। मसानी चौक पर एचडीएफसी, एसबीआई बूथ पर एक महीने से कैश नहीं डाला गया है।
एटीएम बूथों के कैमरे बंद
एटीएम बूथों पर बैंक ने सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। शहर के कुछ एटीएम बूथों को छोड़कर शेष के सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं। नोटबंदी के बाद महानगरों में एटीएम के साथ छेड़छाड़ की कई घटनाएं सामने आ रही हैं उसके बाद भी बैंक शाखा के अधिकारी सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं हैं। महेंद्रगढ़ में अभी तक कोई ऐसी घटना सामने नहीं आई है लेकिन दूसरे स्थानों की घटनाओं को देखकर अधिकारियों को पहले ही जागरूक होने की जरूरत है ताकि यहां पर इस प्रकार की घटना होने से बचा जा सके। इसके अलावा निजी एक-दो बैंकों को छोड़कर शेष निजी और सरकारी एटीएम पर गार्ड भी तैनात नहीं थे।
सतनाली चौक पर है यह हाल
नगर के सतानाली चौक सबसे व्यस्त चौक है। इस चौक पर दिन में हजारों लोगों का आवागमन होता है। यह चौक शहर से दो किलोमीटर की दूरी पर नेशनल हाईवे पर पड़ता है। इस चौक पर लोगों की सुविधा के लिए मात्र एक एटीएम पंजाब नेशनल बैंक द्वारा लगाया गया है। नोटबंदी के बाद बैंक द्वारा इसमें कैश डाला गया या नहीं। इसके लिए अमर उजाला टीम ने पास के दुकानदार बंसीधर से बातचीत की। उसने बताया कि नोटबंदी के बाद एटीएम में कैश नहीं डाला गया। उपभोक्ता केवल बैलेंस चेक करने आते हैं, और चले जाते हैं। यहां पर गार्ड तक नहीं है।
मसानी चौक का है यह हाल
अमर उजाला टीम मसानी चौक पहुंची वहां दो एटीएम एसबीआई और एचडीएफसी बैंकों के हैं। टीम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एटीएम पर पहुंची जहां पर एटीएम बूथ आधा शटर से ढका था। मशीन में कैश नहीं था खाली थी। उपभोक्ता देखकर जा रहे थे। टीम ने पास के दुकानदार से बातचीत की तो उसने बताया कि एक माह से एटीएम में पैसे नहीं डाले जा रहे हैं। शुरूआत में दो तीन बार डाले थे, उसके बाद नहीं डाले गए। लोग आते हैं, देखकर चले जाते हैं। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक के बाहर नो कैश का बोर्ड लगा था। उसमें भी 25 दिनों से कैश नहीं डाला गया था।
सिनेमा रोड पर है यह हाल
नगर के सिनेमा रोड पर एसबीआई और पीएनबी के दो बूथ लगे हैं। टीम सिनेमा रोड पहले एसबीआई बूथ पर पहुंची जहां पर दो एटीएम लगे हैं। दोनों ही कैशलेस थे। उपभोक्ता बैलेंस चेक कर जा रहे थे जबकि पीएनबी का भी कुछ ऐसा ही हाल था। एटीएम बंद पड़ा था जबकि शटर खुला था। टीम ने उपभोक्ता भूपेंद्र सिंह से बातचीत की तो उसने बताया कि कैश के लिए अधिकतर एटीएम बूथों पर चक्कर लगा चुका हूं लेकिन कहीं भी कैश नहीं मिला। जबकि कैश की सख्त जरूरत है।
वर्जन:
पीछे से कैश नहीं आ रहा, इस कारण जमा राशि ही उपभोक्ताओं को वितरित की जाती है। अधिक कैश आने पर एटीएम को चालू कर दिया जाता है। -- पंकज भाटिया-मैनेजर पटियाला बैंक।