फोटो नंबर-01नारनौल का रेलवे स्टेशन।
नारनौल। दैनिक रेल यात्री एवं जनकल्याण संघ नारनौल ने क्षेत्र में रेल विकास से जुड़े मामलों में लगातार हो रही अनदेखी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से नारनौल क्षेत्र के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है जो अब स्वीकार्य नहीं है।
संघ के अध्यक्ष गणेश शर्मा ने बताया कि प्रस्तावित नीमराना–अटेली–दादरी नई रेल लाइन परियोजना में नारनौल को शामिल न किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। विकास योजनाओं में बार-बार नारनौल को नजरअंदाज करना एक चिंताजनक प्रवृत्ति बनती जा रही है।
वहीं उपाध्यक्ष पूनम फौजदार ने इसे केवल एक परियोजना तक सीमित न मानते हुए वर्षों से चली आ रही उपेक्षा का परिणाम बताया। महासचिव एडवोकेट महावीर जैन ने कहा कि जयपुर–भिवानी एक्सप्रेस सहित कई रेल सेवाओं का संचालन भी संतोषजनक नहीं है।
नई सेवाएं शुरू करने की बजाय पुरानी सेवाओं को भी सुचारू रूप से नहीं चलाया जा रहा जिससे क्षेत्र के विकास पर असर पड़ रहा है। महिला प्रकोष्ठ प्रमुख पूजा रानी ने दादरी, महेंद्रगढ़, नारनौल, बहरोड़ व अलवर रेल मार्ग की लंबे समय से चली आ रही मांग को नजरअंदाज करना जनता के साथ अन्याय बताया।
संघ ने स्पष्ट किया कि नारनौल अब केवल वोट बैंक बनकर नहीं रह सकता और क्षेत्र की जनता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है। संगठन के सदस्यों आशीष चौधरी, देवेंद्र सैनी, हितेंद्र कुमार व अशोक कुमार स्वामी ने भी प्रस्तावित रेल परियोजना पर पुनर्विचार की मांग उठाई।
अंत में संघ ने केंद्र व राज्य सरकार तथा संबंधित जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि नारनौल को प्रस्तावित रेल परियोजना में प्राथमिकता दी जाए और क्षेत्र की लंबित रेल मांगों को शीघ्र पूरा किया जाए ताकि आम जनता को बेहतर रेल सुविधाएं मिल सकें।