नारनौल। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हर्षाली चौधरी की अदालत ने सुमन देवी बनाम विजय पाल व अन्य मामले में दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने निचली अदालत के उस फैसले को सही माना जिसमें आरोपियों के खिलाफ दायर शिकायत खारिज कर दी गई थी।
अटेली निवासी शिकायतकर्ता सुमन देवी का आरोप था कि 5 जुलाई 2015 को जमीन विवाद के चलते विजय पाल और अन्य आरोपी लाठी-डंडों व हथियारों के साथ उनके घर में घुस आए। आरोप है कि उन्होंने सुमन देवी और उनकी बहू के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
अदालत ने पाया कि कथित घटना 5 जुलाई 2015 को हुई लेकिन पुलिस को इसकी सूचना चार दिन बाद 9 जुलाई को दी गई। जांच रिपोर्ट में भी घर के अंदर ऐसी किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई। इसके अलावा दोनों पक्षों के बीच पहले से भूमि विवाद चल रहा था और उनके संबंध तनावपूर्ण थे।
इन तथ्यों को देखते हुए न्यायाधीश ने माना कि निचली अदालत का शिकायत खारिज करने का निर्णय तर्कसंगत था। इसके बाद अदालत ने पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया।