फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला टॉपर बने आशीष, दूसरे और तीसरे स्थान पर लड़कियों का कब्जा

विज्ञापन
जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर आशीष को मिठाई खिलाकर खुशी मनाते परिवार के सदस्य। - फोटो : Narnol
विज्ञापन
हरियाणा बोर्ड द्वारा घोषित दसवीं के परीक्षा परिणाम में बेटियों ने फिर अपना परचम लहराया है। महेंद्रगढ़ जिले में 8 विद्यार्थियों ने जिला लेवल पर टॉप तीन में अपना स्थान बनाया है। जिसमें छात्र आशीष ने प्रथम व दो छात्राओं ने दूसरा स्थान व पांच छात्राओं ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। जिले में टॉप रहे तीन विद्यार्थियों ने गणित में 100 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। इन छात्राओं ने अमर उजाला के साथ अपने भविष्य के सपनों को सांझा किया। विद्यार्थियों ने कहा कि वे डॉक्टर, इंजीनियर, सीए व पायलट बनकर अपने माता-पिता व क्षेत्र का नाम रोशन करना चाहत हैं।
विज्ञापन

किसान का बेटा बनना चाहता है डॉक्टर
बालाजी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र आशीष ने 495 अंक लेकर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। आशीष के पिता खेती बाड़ी करते हैं। उन्होंने ने बताया कि वह मेडिकल से पढ़ाई करके डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहते हैं। उनका उद्देश्य डॉक्टर बनकर गरीब व जरूरतमंद लोगों की सहायता करना है। परीक्षा के दौरान उसने एनसीआरटी की किताबों से 6 से 8 घंटे तक पढ़ाई की है। छात्र ने अपनी सफलता का श्रेय अध्यापकों, अपने मामा और नाना को दिया जिन्होंने पढ़ाई के दौरान उनका पूरा सहयोग दिया।
किसान की बेटी बनना चाहती है पायलट
नारनौल एमडी विद्या निकेतन दुबलाना की छात्रा अंशु ने 494 अंक लाकर जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। अंशु ने कहा कि वह पायलट बनना चाहती हैं। ग्याहरवीं में नॉन मेडिकल से पढ़ाई करेंगी। छात्रा ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते परिजनों व स्कूल की मदद से तैयारी की। उनकी मेहनत के अनुसार अच्छे अंक आये हैं। परीक्षा के दौरान वह 6 घंटे पढ़ाई करती थी। पिता खेती बाड़ी करते हैं। वह पायलट बनकर अपने माता-पिता का नाम रोशन करना चाहती है। अंशु ने इसका श्रेय चेयरमैन व अपने अध्यापकों को दिया है।
विज्ञापन

इंजीनियर बनना चाहती हैं वंदना अग्रवाल
सरस्वती बाल मंदिर स्कूल नारनौल की छात्रा वंदना अग्रवाल ने 494 अंक लाकर जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। वंदना अग्रवाल ने कहा कि वह नॉन मेडिकल की पढ़ाई कर इंजीनियर बनना चाहती हैं। छात्रा ने अपनी सफलता का श्रेय अध्यापकों व माता पिता को दिया। पिता ने कपड़े की दुकान कर रखी है। वंदना अग्रवाल ने बताया कि परीक्षा के दौरान स्कूल से आकर रात 11 बजे तक पढ़ाई करने के बाद सुबह पांच बजे उठकर पढ़ाई करती थीं। पिता ने बताया कि वंदना शुरू से ही मेधावी रही है।
डॉक्टर बनना चाहती हैं निशा
सनराइज स्कूल नांगल चौधरी की छात्रा निशा ने 493 अंक लेकर जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। निशा ने 98.6 प्रतिशत अंक लेकर अपने परिवार का नाम रोशन किया है। निशा कुमारी ने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व अध्यापकों को दिया है। बाहरवीं कक्षा में मेडिकल से पढ़ाई कर रही है। वह डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहती है। निशा ने बताया कि स्कूल के अलावा परीक्षा के दौरान घर पर लगातार 7 से 8 घंटे पढ़ाई की है। जिसमें माता-पिता व दादा लीलाराम ने भी पूरा सहयोग दिया है। उन्होंने बताया कि पिता ईश्वर आर्मी में हैं और माता सुमित्रा गृहिणी हैं। अब मैं माता-पिता के सपनों को साकार करना चाहती हूं।
सीए बनना चाहती हैं नेहा
टैगोर स्कूल नांगल चौधरी की छात्रा नेहा ने 493 अंक लेकर जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। छात्रा ने ग्याहरवीं कक्षा में कामर्स से पढ़ाई करेंगी। नेहा ने बताया कि वह परीक्षा के दौरान तीन घंटे रात व तीन घंटे सुबह मन लगाकर पढ़ाई करती थीं। छात्रा ने दूसरे छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि पढ़ाई चाहे पांच मिनट करो या पांच घंटे लेकिन जितने देर पढ़ाई करो मन लगाकर पढ़ो तभी मुकाम हासिल कर सकते हैं। वह कॉर्मस की पढ़ाई करते सीए बनना चाहती हैं। उनके पिता की एक दुकान है। अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व अध्यापकों को दिया।
आईएएस बनना चाहती हैं लक्ष्मी
सनराइज सीनियर सेकेंडरी स्कूल सलूनी की छात्रा लक्ष्मी ने 493 अंक लाकर जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वह ग्याहरवीं में मेडिकल से पढ़ाई करेंगी। लक्ष्मी ने बताया कि वह आईएएस बनकर अपने माता-पिता का नाम रोशन करना चाहती हैं। परीक्षा के दौरान 6 से 7 घंटे पढ़ाई करती थीं। छात्रा लक्ष्मी के पिता खेती करते हैं। छात्रा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता व अध्यापकों को दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें