जिले में पल्स पोलियो अभियान 3 से 5 मार्च तक चलाया जाएगा। इस दौरान पहले दिन पोलियो बूथ पर शून्य से 5 वर्ष के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी। इसके बाद 4 व 5 मार्च को टीम सदस्यों द्वारा घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। स्वास्थ्य केंद्र एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोलियो बूथ बनाएं जाएंगे, जहां बच्चों को दो दिन तक दवा पिलाई जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बूथ व टीम तैयार की गई है ताकि कोई भी बच्चा दवा से वंचित न रह जाए। विभाग की तरफ से लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
यह बनाई गई है व्यवस्था :
जिला में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 666 बूथ बनाए गए है। रेलवे स्टेशन, महाबीर चौक, बस स्टैंड पर 32 ट्रांजिट प्वाइंट बनाए जाएंगे। वहीं इसके अलावा 29 मोबाइल टीम और 605 स्थायी बूथ बनाए जाएंगे। विभाग ग्रामीण क्षेत्र में 512 और शहरी क्षेत्र में 93 बूथ बनाएंगा। इस कार्य के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 128 सुपरवाइजर नियुक्त किए जाएंगे।
29 मोबाइल टीम बनाई गई
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में शून्य से 5 साल तक के 89915 बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। विभाग की तरफ से ग्रामीण क्षेत्र में 72267 और शहरी क्षेत्र में 17646 बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। इसके अलावा मोबाइल टीम ईंट भट्ठों सहित झुग्गी झोपड़ियों में दवा पिलाने का काम करेगी। इसके लिए 29 मोबाइल टीम बनाई गई है। यह करीब 2400 बच्चों को दवा पिलाएगी।
3 से 5 मार्च तक पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। ऐसे में सभी अभिभावक बच्चों को बूथ पर पहुंचकर पोलियो रोधी दवा पिलाएं। इसके लिए 666 बूथ बनाए गए है।
डॉ. नरेंद्र कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, नागरिक अस्पताल।