महेंद्रगढ़। गांव उष्मापुर से माइनिंग की ओर जाने वाले रास्ते पर रविवार को ग्रामीणों ने अवैध स्टोन माइनिंग, बार-बार ब्लास्टिंग, पेड़ों की अवैध कटाई, ओवरलोड ट्रैकों से प्रदूषण फैलाने को लेकर रोड पर छह घंटे से अधिक समय जाम लगाया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे।
गांव के ग्रामीणों ने सुबह 10:30 बजे से चार बजे तक जाम लगाया। जाम लगने की सूचना पर सदर थाना प्रभारी संदीप कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीण को जाम खोलने को लेकर काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीणों ने जाम बनाए रखा।
इसके बाद मौके पर एसडीएम कनिका गोयल व माइनिंग अधिकारी मनीषा शर्मा पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की गई। उन्होंने ग्रामीणों को सोमवार को ग्रामीणों की 15 सदस्यों की कमेटी, क्रेशर जोन के संचालकों को कार्यालय में बुलाया गया। यहां पर समाधान निकाला जाएगा।
एसडीएम के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम को खोल दिया। ग्रामीणों को कहना है कि वह कई बार इस परेशानी को लेकर प्रशासन को अवगत करा चुके है लेकिन अभी तक समस्या का हल नहीं हुआ है।
ब्लास्टिंग से 60 से अधिक घरों में आ चुकी हैं दरारें
ग्रामीणों ने बताया कि पहाड़ में ब्लास्टिंग के कारण गांव के 1500 ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। गांव की 60 से अधिक घरों की दीवार, फर्श और छत में दरारें आ चुकी है। वह अपने ही घरों में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं व प्रत्येक ब्लास्टिंग के समय कंपन इतना तेज होता है कि बच्चे और बुजुर्ग भयभीत हो जाते हैं। ब्लास्टिंग और भारी मशीनों के कारण 24 घंटे कंपन महसूस होती है। सके अलावा ग्रामीण रात में सो नहीं पाते जिससे मानसिक तनाव बढ़ रहा है।
हरे पेड़ों की हो रही अवैध कटाई
इसके अलावा हरे पेड़ों की अवैध कटाई कर पर्यावरण क्षति पहुंच रही है। खनन के दौरान बड़ी संख्या में हरे पेड़ काट दिए गए है जिससे पर्यावरण असंतुलित हो गया है और तापमान में वृद्धि देखी जा रही है। इसके अलावा पंछियों, वन्य जीव, प्राकृतिक आवास नष्ट हो गए हैं। उन्होंने बताया कि गांव की सामूहिक प्राकृतिक संपदा का नुकसान हो रहा है। यह पहाड़ी क्षेत्र मूल रूप से गांव की सामुदायिक प्राकृतिक संपदा है।
अवैध रूप से तीन स्टोन क्रेशर संचालित
उन्होंने बताया कि यहां अवैध रूप से तीन स्टोन क्रेशर संचालित है जिससे निरंतर धूल, शोर, प्रदूषण और ट्रैकों की आवाजाही से लोगों का जीवन दुबर हो गया है। इसके अलावा गांव में इंसानों के साथ पशुओं में भी सांस की समस्या, एलर्जी, आंखों में जलन, त्वचा रोग जैसी समस्या तेजी से बढ़ रही है।
पिछली बार भी ग्रामीणों की नहीं ली थी सहमति
ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान लीज जून 2026 में समाप्त है, नई लीज टेंडर जारी करने से पूर्व ग्राम सभा की लिखित अनुमति अनिवार्य की जाए, बिना ग्राम सभा की सहमति से कोई नवीनीकरण न किया जाए। पिछली बार भी ग्रामीणों की सहमति नहीं ली गई थी। इस बार ऐसा न हो, इसलिए ग्रामीण स्पष्ट आपत्ति दर्ज करा रहे हैं। पिछले लीज टेंडर में ग्राम पंचायत को कोई प्रत्यक्ष लाभ नहीं मिला और न ही गांव में कोई विकास व आर्थिक सहायता मिली है। ग्रामीणों ने केवल नुकसान ही झेला है।
वर्जन...
ग्रामीणों की समस्या को लेकर सूचना मिली थी। वह मौके पहुंचे ग्रामीणों की समस्या सुनी और उनकी समस्याओं का जल्द ही समाधान किया जाएगा।-कनिका गोयल, एसडीएम, महेंद्रगढ़
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गांव के नजदीक माइनिंग के दौरान बार-बार ब्लास्टिंग होने के कारण ग्रामीणों की ओर से जाम लगाया गया था। एसडीएम कनिका गोयल ने ग्रामीणों की समस्या को समाधान करने का आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम को खोल दिया गया।-रविंद्र, सरंपच, गांव ऊष्मापुर
फोटो संख्या:76- गांव उष्मापुर में माइनिंग ब्लास्ट को लेकर जाम लगाते ग्रामीण --स्रोत- ग्रामीण