गांव खातौली जाट में एक स्टोन क्रशर को अवैध रूप से दोबारा एनओसी देने पर इंजीनियर तेजपाल यादव के नेतृत्व में रविवार को एक जनसभा आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता सरपंच कृष्ण कुमार ने की।
इस अवसर पर ग्रामीणों ने कहा कि स्टोन क्रशर से उड़ती धूल से पूरे गांव में जीना मुहाल हो रहा है। आज इतनी ज्यादा धूल स्टोन क्रशरों से उड़ रही है कि उनकी सरसों की फसल पकने के ऐन वक्त पर बिल्कुल खराब हो चुकी है। गांव के ग्रामीणों में भी टीबी व दमा जैसी बीमारियां फैल रही हैं। ग्रामीणों ने कहा कि इन स्टोन क्रशर को बंद करके सही जांच रिपोर्ट एनजीटी को भेजी जाए।
इंजीनियर तेजपाल यादव ने कहा कि इस पूरे मामले में जिला प्रशासन ढिलाई बरत रहा है। क्योंकि पिछली याचिका पर 3 दिसंबर को एनजीटी के आदेश को अभी तक जिला प्रशासन व सरकार ने लागू नहीं किया है। 3 दिसंबर को एनजीटी ने अपने पुराने 24 जुलाई 2019 के आदेश को दोहराते हुए सभी 72 स्टोन क्रशर को तुरंत बंद करने, संबंधित भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई करने, महेंद्रगढ़ जिले के क्रशर प्रभावित सभी गांवों की स्वास्थ्य जांच करने व 72 के अलावा जिले के बाकी सभी स्टोन क्रशरों को अन्य पर्यावरणीय पहलुओं पर जांच के आदेश दिए थे, लेकिन इन तीनों पहलुओं में से जिला प्रशासन व हरियाणा सरकार की अभी तक किसी भी पहलू पर कुछ भी कार्रवाई जमीनी स्तर पर नजर नहीं आ रही है। हमारी मांग है कि न केवल उस जांच को जल्दी पूरा किया जाए, बल्कि नया मुकदमा खातौली जाट के स्टोन क्रशर के खिलाफ अभी हाल ही में किया है जिस पर 17 फरवरी को एनजीटी ने जो आदेश दिया है, उनका तुरंत पालन करें व इसको बंद करने का काम करें।
इस मौके पर सरपंच कृष्ण कुमार, दुर्गा प्रसाद, दिलीप सिंह, सत्यप्रकाश नंबरदार, नरेंद्र कुमार, सुभाष नंबरदार, ढिल्लु, जगदीश, विजय, लालाराम, डॉ. वेदप्रकाश, ऋषिराज, जीतू, सुंदर, कृष्ण, विनोद, सतीश, सज्जन, अतर सिंह, जगन सिंह, अजय राव, बनी सिंह, कृष्ण कुमार, राम अवतार, लालाराम पटवारी समेत अनेक लोग उपस्थित थे।