नांगल चौधरी। नगर पालिका बनने पर उसमें विलय हुई ढाणियों और ग्राम पंचायतों के साथ विकास कार्यों में भेदभाव किया जा रहा है।
इसके विरोध में नांगल चौधरी नगर पालिका क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, पार्षद और आम नागरिकों ने नगर पालिका परिसर में नारेबाजी की। इसके बाद नायब तहसीलदार को जिला उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने विकास कार्यों में भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए विभिन्न वार्डों में हुए विकास कार्यों की जांच कराने की मांग की।
उन्होंने बताया कि समस्याओं को लेकर पूर्व में डीएमसी नारनौल से भी मिले थे, लेकिन अब तक न तो कोई ठोस कार्रवाई हुई और न समाधान। पार्षद संजू देवी, पार्षद धर्मेन्द्र, पार्षद विकास शर्मा, पार्षद शकुंतला देवी, पार्षद अनिता मीणा, पार्षद कंवर सिंह, पार्षद कोमल तंवर, पार्षद रिंकू सैनी, पार्षद धर्मवीर सिंह आदि ने ज्ञापन में हस्ताक्षर किए।
इनकी अगुवाई कर रहे कंवर सिंह जाखड़ ने बताया कि वर्ष 2014 में ग्राम पंचायत मोहनपुर, नौलाजा और छह ढाणियों ठाकरान, जिंदड़, बानियावाली, बायांवाली, कुंबावाली व बंदावाली को मिलाकर नगर पालिका का गठन किया गया था, ताकि इन क्षेत्रों को समान रूप से शहरी सुविधाओं का लाभ मिल सके।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि हाईमास्ट, सीसी रोड, पानी की टंकी और सफाई जैसे कार्य चुनिंदा वार्डों में ही कराए गए। ढाणियों और अन्य उपेक्षित इलाकों में आज भी अंधेरा, गंदगी और मूलभूत सुविधाओं का संकट है। सदन के प्रस्तावों की अनदेखी की गई है। स्ट्रीट लाइट सहित कई विकास कार्यों को सदन से स्वीकृति मिलने के बावजूद अब तक शुरू नहीं किया गया।
सभी विकास कार्यों की ऑडिट करवाई जाए। नगर पालिका में भेदभाव मुक्त विकास नीति को लागू किया जाए और आंबेडकर भवन के दुरुपयोग पर जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।
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नगर पालिका सचिव व अभियंता ने आरोप को बताया निराधार
नगर पालिका सचिव ललित गोयल और अभियंता सुनील कुमार ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि विकास कार्यों में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया गया है। सभी वार्डों में जरूरत के अनुसार काम चल रहे हैं। नगर में 3490 स्ट्रीट लाइटें लगनी हैं। इनका कार्य दिवाली तक पूरा हो जाएगा।