महेंद्रगढ। मुख्यमंत्री द्वारा 5 दिसंबर को कुरुक्षेत्र में प्रदेशभर की रामलीलाओं को सम्मानित किए जाने के मामले में कुछ रामलीलाओं ने जिला प्रशासन पर चयन में भेदभाव का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश की लगभग 300 रामलीलाओं के कलाकारों को सम्मानित किया जाना है। प्रदेश के सभी जिलों के प्रशासन से श्रेष्ठ रामलीलाओं के नाम मांगे गए। जिले में श्री रामलीला परिषद रजि. महेंद्रगढ़ प्रदेश की श्रेष्ठतम रामलीलाओं में अग्रिम श्रेणी में आती है। रामलीला परिषद के प्रधान दिनकर बोहरा और कलाकार प्रधान विकास तिवाड़ी ने जिला प्रशासन पर चयन प्रक्रिया में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की श्रेष्ठतम रामलीला परिषद जिसके मंचन को देखने के लिए दूर दराज से दर्शक आते है, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा श्री रामलीला परिषद से न ही तो कोई संपर्क किया गया और न ही इस रामलीला का नाम सम्मानित होने वाली रामलीलाओं की सूची में भेजा गया। दोनों पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम लिखे गए पत्र में रामलीलाओं के चयन में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि सर्वेक्षण किया जाए तो श्री रामलीला परिषद का नाम प्रदेश की श्रेष्ठतम रामलीलाओं में से एक है। उन्होंने जिला प्रशासन व मुख्यमंत्री से मांग की है कि भेदभाव की नीति को छोड़कर अच्छे कलाकारों को सम्मानित किया जाएं अन्यथा सरकार से कलाकारों का विश्वास उठ जाएगा।