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Mahendragarh-Narnaul News: जिले में खराब श्रेणी में पहुंचा वायु गुणवत्ता का स्तर, खुले में जल रहा कूड़ा

Tue, 03 Oct 2023 01:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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नारनौल। जिले में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर की वजह से ग्रेडिड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) लागू कर दिया गया है। अब यहां डीजल से चलने वाले जनरेटर सेट नहीं चल पाएंगे। हालांकि 31 दिसंबर तक सरकार की तरफ से अस्पताल, रेलवे, बस स्टैंड सहित अन्य कार्यों के लिए छूट दी गई है।
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नारनौल शहर में उद्योग न के बराबर है, लेकिन इसके बावजूद लगातार वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। महेंद्रगढ़ जिले में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व राज्य प्रदूषण बोर्ड के अनुसार एक्यूआई का स्तर 211 पहुंच गया है। वहीं दिसबंर और जनवरी माह में तो 350 एक्यूआई स्तर तक पहुंच जाता है, जो चिंताजनक है। अब ग्रेडिड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू किया गया है ताकि वायु प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सके। इसके अलावा शहर में अभी भी 10 से 15 साल पुराने परिवहन के साधनों पर पाबंदी अब तक नहीं लग पाई है। शहर की अनेक सड़क टूटी पड़ी है, जिसकी वजह से भी धूल के गुब्बार उड़ते रहते हैं।

सुबह व सायं शहर में जलते रहते है कूड़े के ढेर



एक तरफ सरकार ज्यादा किलोवॉट के जनरेटर सेट को बंद करने की तैयारी कर रही है। वहीं दूसरी ओर शहर में जगह-जगह दिनभर कूड़े के ढेर में आग लगी रहती है। जिसकी वजह से वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं हो पा रहा है। अगर गली मोहल्लों में कूड़ा जलाने वालों पर प्रशासन की तरफ से कार्रवाई की जाए तो ऐसे मामलों में कमी आ सकती है। इसके अलावा कबाड़ी भी बिजली के तार सहित अन्य प्लास्टिक का सामान जलाते रहते हैं, जो प्रदूषण को बढ़ावा दे रहे हैं।
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क्रशर जोन में उड़ते रहते हैं धूल के गुब्बार

राजस्थान से सटे इलाके नांगल चौधरी व निजामपुर के क्रशर जोन में दिनभर धूल गुब्बारे उड़ते रहते हैं। जिसकी वजह से आसपास के गांवों में एक्यूआई का स्तर खराब रहता है। इस जोन के आसपास रहने वाले लोगों को अस्थमा संबंधित बीमारी भी होने की ज्यादा संभावना रहती है। इसके अलावा पटाखों पर पूरी तरह रोक, खुले में निर्माण सामग्री नहीं रख सकेंगे। अगर गाड़ी से धुंआ निकलता दिखाई दिया तो तुरंत कार्रवाई होगी। खुले में कूड़ा जलाया या आग लगाई तो भी कार्रवाई होगी। आपातकालीन में ही डीजल जनरेटर का इस्तेमाल कर सकेंगे, 10 साल से अधिक पुराने यातायात के संसाधनों पर प्रतिबंध विशेषकर डीजल चालित वाहन पर किया गया।

हवा में कितना होना चाहिए एक्यूआई स्तर

शून्य से 50 के बीच अच्छा, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच एक्यूआई स्तर गंभीर माना जाता है।









जिले में दो तीन दिन से एक्यूआई स्तर में बढ़ोतरी हुई है। सोमवार को जिले में 211 एक्यूआई तक प्रदूषण का स्तर पहुंच गया, जो खराब की श्रेणी में आता है। ग्रेडिड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू करने से एक्यूआई में सुधार होने की संभावना है।



-डॉ. चंद्र मोहन, नोडल अधिकारी, पर्यावरण क्लब, नारनौल।




हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से एडवाइजरी जारी कर दी गई है, अगर इसके बाद भी नियम के विरुद्ध मिला तो उस पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से कार्रवाई की जाएगी।
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-मनोज कुमार, एसडीएम, नारनौल।
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