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कड़ाके की सर्दी के साथ प्रदूषण ने किया लोगों को परेशन, एक्यूआई 318

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रात में कड़ाके की सर्दी के साथ अब लोगोें को प्रदूषण की समस्या भी झेलनी पड़ रही है। बुधवार को नारनौल में एक्यूआई का स्तर 318 तक पहुंच गया। ऐसे में अब लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। बुधवार को जिले में न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री और अधिकतम 25.8 डिग्री सेल्सियस रहा। मंगलवार की अपेक्षा बुधवार को न्यूनतम तापमान में 1.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।
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बता दें कि दस दिन नारनौल में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। बीच में तापमान 1.5 डिग्री तक पहुंच गया था। इसके बाद रात के न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़वा चल रहा है। इसके बाद भी रात में सर्दी का सितम जारी है। वहीं दिन में मौसम साफ होने से लोग बुधवार दोपहर में धूप सेकते नजर आए।
मौसम विभाग के अनुसार 25 दिसंबर तक मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इसलिए तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव आ रहा है। आने वाले दिनों में कोहरा पड़ने का अनुमान है। इस दौरान मौसम साफ और खुश्क रहेगा। इस दौरान उत्तर-पश्चिमी की ठंडी हवाओं के चलने से रात में न्यूनतम तापमान में गिरावट होने की संभावना है। इस दौरान न्यूनतम तापमान एक से तीन डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने से कहीं पाला जमने की संभावना है। इस दौरान वातावरण में नमी की अधिकता के कारण अलसुबह व देर रात के समय धुंध रहने की संभावना है, परंतु पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण 26 और 27 दिसंबर को बीच में आंशिक बादल छाने से रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभावित है। तापमान में गिरावट होने की संभावना को देखते हुए सब्जियों, छोटे फलदार पौधे और कम तापमान को सहन न कर पाने वाली फसलों विशेषकर सरसों की फसल को बचाव के लिए हल्की सिंचाई करें।
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तीन दिन में एक्यूआई 89 बढ़कर पहुंचा 318
जानकारी के लिए एक सप्ताह नारनौल में वायु की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में नहीं थी। तीन दिन पहले एक्यूआई 229 (खराब) था, जोकि अब 319 (बहुत खराब) तक पहुंच गया है। हालांकि एक्यूूआई में बदलाव होता रहता है, लेकिन बुधवार को दोपहर से शाम सात बजे तक एक्यूआई का स्तर 318 बना रहा। इसका प्रमुख कारण माइनिंग और विभिन्न सड़क प्रोजेक्ट पर काम चलना है। नारनौल के पास हाईवे का निर्माण कार्य अब तेजी से शुरू हो गया है। इससे धूल, मिट्टी उड़ने से हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है। ऐसे में स्वास्थ्य के लिहाज से अब शहर की हवा खराब होने लगी है।
प्रदूषण बोर्ड के अनुसार नारनौल शहर में बुधवार दोपहर दो बजे हवा में पीएम (पार्टिकुलेट मैटर) 2.5 का स्तर 318 रहा है, जो बहुत खराब स्तर है। ऐसे में सांस के मरीजों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
ऐसे समझे हवा की गुणवत्ता
बता दें कि शून्य और 50 के एक्यूआई को अच्छा, 51 और 100 तक की एक्यूआई को संतोषजनक, 101 और 200 को मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बहुत खराब और 401 से 500 तक के एक्यूआई को गंभीर श्रेणी में माना जाता है।
वायु प्रदूषण के चलते सांस संबंधी बीमारी होने का खतरा
नागरिक अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप यादव ने बताया कि ठंड के साथ प्रदूषण भी बढ़ रहा है। ऐसे में ठंड से बचाव के साथ-साथ मास्क पहनकर निकलना चाहिए। प्रदूषण एक गंभीर समस्या है। इसकी चपेट में आने से लोग बीमार पड़ सकते हैं। वायु प्रदूषण के चलते सांस संबंधी बीमारी हो सकती है। ज्यादा देर तक इसके संपर्क में रहने पर गंभीर रोग होने का भी खतरा पैदा हो सकता है, इसलिए खुली जगहों पर शारीरिक गतिविधियों से बचें। जिन लोगों को प्रदूषण से ज्यादा दिक्कत है वे कतई बाहर न जाएं और घर में ही रहें। सांस लेने में दिक्कत होने, चक्कर आने, कफ, छाती में असहजता या दर्द होने, आंखों में समस्या होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
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