संवाद न्यूज एजेंसी
महेंद्रगढ़। उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हकेंवि ने मैसूर, कर्नाटक स्थित प्रोबायोटा इनोवेशन्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। अनुसंधान गतिविधियों के लिए किसी निजी उद्योग के साथ हकेंवि की ओर से किया गया यह पहला समझौता है।
इस समझौते का उद्देश्य जैव प्रौद्योगिकी, सूक्ष्मजीव विज्ञान, प्रोबायोटिक्स, पोषण-आधारित स्वास्थ्य उत्पादों, जीवन विज्ञान व अन्य पारस्परिक रुचि के क्षेत्रों में सहयोगात्मक अनुसंधान को बढ़ावा देना है।
इस सहयोग के अंतर्गत विश्वविद्यालय के शोधकर्ता आधारभूत अनुसंधान कार्य करेंगे जबकि प्रोबायोटा इनोवेशन्स परियोजना-विशिष्ट प्रायोजित अनुसंधान पहलों के माध्यम से अनुसंधान के विकास, सत्यापन व व्यावसायिक उपयोग की दिशा में सहयोग प्रदान करेगी।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि यह साझेदारी उद्योग-संबद्ध अनुसंधान और नवाचार की दिशा में विश्वविद्यालय की यात्रा में मील का पत्थर है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सहयोग ज्ञान सृजन, प्रौद्योगिकी विकास व सामाजिक हित में उपयोगी नवाचारों के नए अवसर उत्पन्न करेगा। विश्वविद्यालय के समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि यह सहयोग राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की बहुविषयक अनुसंधान की अवधारणा को साकार करता है और शैक्षणिक अनुसंधान और औद्योगिक अनुप्रयोगों के बीच की दूरी को कम करने में सहायक होगा।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार ने कहा कि इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर विश्वविद्यालय की प्रायोजित अनुसंधान, नवाचार व उद्योग जगत के साथ सार्थक सहभागिता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रोबायोटा इनोवेशन्स प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक डॉ. श्रीलक्ष्मी देसराजू ने कहा कि हकेंवि के साथ साझेदारी कर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता है।
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक उत्कृष्टता और औद्योगिक विशेषज्ञता के समन्वय से प्रोबायोटिक्स, पोषण-आधारित स्वास्थ्य उत्पादों तथा संबद्ध क्षेत्रों में नवाचारी और विज्ञान-आधारित समाधान विकसित किए जा सकेंगे।
प्रो. नीलम सांगवान, प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. सुरेंद्र सिंह, सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. विकास बेनीवाल मौजूद रहे।