नारनौल। जिले में बुधवार को मौसम ने करवट ली। दोपहर बाद बादल छा गए और बारिश हुई। लगातार पड़ रही गर्मी और उमस से परेशान लोगों को इस बारिश से राहत मिली है। मौसम सुहाना हुआ तो लोग टहलने निकल पड़े। वहीं किसानों ने खरीफ फसल की बिजाई को लेकर खुशी है। बारिश के चलते शहर के निचले स्थानों पर जलभराव होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। वहीं नगर परिषद के मानसून से पूर्व नालों की सफाई करने के दावों की पोल खुल गई। बुधवार को नारनौल का अधिकतम तापमान 43.6 तथा न्यूनतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि मंगलवार को अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान में 32 डिग्री सेल्सियस पर था।
पिछले एक सप्ताह से उमस भरी भीषण गर्मी का प्रकोप बना हुआ था और अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान भी 31 डिग्री सेल्सियस के पार हो गया था। इससे लोग बेहाल थे और बारिश की प्रतीक्षा कर रहे थे। मौसम विभाग ने 29 जून से मौसम परिवर्तन के साथ हलकी, मध्यम व तेज स्तर की बारिश की संभावना जताई थी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान अनुसार मंगलवार सायं को घने काले बादल छाए जिसके चलते लोगों ने जोरदार बारिश की उम्मीद जताई थी लेकिन बारिश नहीं हुई। ऐसे में आमजन बुधवार को बारिश की उम्मीद लगाए बैठे थे। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे आसमान बादल छाए और करीब साढे़ तीन बजे बारिश शुरू हुई। सायं छह बजे तक रुक-रुक बारिश होती रही जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। वहीं किसानों के चेहरे भी खिले हुए नजर आए, क्योंकि इस बारिश के बाद किसान बाजरे की बिजाई की शुरुआत कर सकेंगे।
राजकीय महाविद्यालय के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से दोपहर बाद ही आसमान में बादलों ने डेरा जमा लिया और दोपहर बाद जिला महेंद्रगढ़ में सतनाली महेंद्रगढ़, कनीना, अटेली, नांगल चौधरी और नारनौल में 30-40 प्रति किलोमीटर की गति से हवाओं के साथ बारिश हुई। इससे लोगों को राहत मिली है।
सबसे अधिक महेंद्रगढ़ में 15 एमएम हुई बारिश
सतनाली में 9.5 एमएम, महेंद्रगढ़ 15, नारनौल 6, अटेली 8.5, कनीना 10 व नांगल चौधरी 5 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं नारनौल और महेंद्रगढ़ का अधिकतम तापमान क्रमश: 43.6 डिग्री सेल्सियस और 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। बुधवार को रात्रि को भी कुछ स्थानों पर पर बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया जाएगा।
मानसून की पहली बारिश के बाद बिजाई में जुटे किसान
मंडी अटेली। मानसून की पहली बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है वहीं किसानों को चेहरे पर भी रौनक लौट आई। कपास व बाजरे कि बिजाई के लिए यह बारिश लाभदायक साबित हुई है। किसानों ने मानसून के दस्तक के साथ ही फसल की बिजाई की तैयारी में जुटे गए हैं। पंचायत का कार्यकाल समाप्त होने के कारण गांवों में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। नालियां गंदगी से अटी हैं जिससे जलनिकासी नहीं होने से जलभराव की समस्या पैदा हो गई है। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग कि है ताकि बरसात के पानी की निकासी ठीक रूप से हो सके।