छह महीने बाद सोमवार से स्कूल खुलने जा रहे हैं। स्कूल में केवल डाउट सेशन ही चलेगा। इस दौरान 9वीं से 12 तक विद्यार्थी अपने अध्यापकों से डाउट क्लीयर कर वापस लौट जाएंगे। शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेशों के अनुसार विद्यार्थी के परिजन को स्कूल प्राचार्य या संचालक को शपथ पत्र देना होगा कि वह और उसका बेटा स्वस्थ है और वह अपनी मर्जी से अपने बच्चे को डाउट क्लीयर के लिए स्कूल भेज रहा है। इसके अलावा स्कूल संचालक को भी खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शपथ पत्र जमा करवाना होगा कि उसके सभी अध्यापक एवं स्टाफ सदस्य स्वस्थ हैं और सरकार के सभी नियमों की वो पालना करेंगे। डाउट सेशन के लिए सभी स्कूल संचालक पूरी तरह से तैयार हैं। सभी निजी एवं सरकारी स्कूलों ने अपने भवन की साफ सफाई तथा सैनिटाइज करवा लिया है। थर्मल स्क्रीनिंग तथा जगह-जगह सैनिटाइज मशीनें लगाई गई हैं।
बता दें कि कोविड-19 के कारण 18 मार्च से स्कूल बंद पड़े हैं। वैसे तो बच्चे घरों में ऑनलाइन शिक्षा ले रहे हैं, लेकिन कई पेरेंट्स व स्टूडेंट्स ऑनलाइन शिक्षा से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि कक्षा में ज्यादा अच्छे से समझ आता है। ऑनलाइन पढ़ने से स्टूडेंट्स के डाउट भी क्लियर नहीं हो पाते। ऐसे में बोर्ड की परीक्षा देने वालेे विद्यार्थियों के लिए समस्या हो सकती है। इसलिए सरकार ने विगत दिनों गाइडलाइन जारी की है कि 21 सितम्बर से 9वीं से 12वीं तक के बच्चों के लिए स्कूलों को खोला जाए ताकि उनके डाउट क्लीयर किए जा सकेंगे।
10 और 12वीं कक्षाएं ही लगाई जाएंगी:
आरपीएस स्कूल की प्राचार्या सरिता वी सिंह ने बताया कि सोमवार से वो स्कूल नहीं लगा रहे हैं। सोमवार स्कूल स्टाफ की मीटिंग रखी गई है। उसके बाद ही स्कूल लगाएंगे। वैसे स्कूल लगाने की पूरी तैयारियां की गई हैं। हमारा मुख्य फोकस 10 और 12वीं बोर्ड कक्षाओं पर ही रहेगा। अभी इन्हीं दोनों कक्षाओं को बुलाने पर विचार किया जा रहा है। कोरोना से बचने के लिए पूरी सावधानियां बरती जाएंगी। बच्चों के बस में चढने से लेकर कक्षा कक्ष तक तीन बार सैनिटाइज करना होगा तथा बस में चढ़ने से पहले थर्मल स्क्रीनिंग होगी। बच्चों को बुलाने के लिए रोटेशन सिस्टम लागू होगा। रोल नंबर वाइज ही बच्चों को स्कूल में बुलाया जाएगा। पहले दिन बच्चा बस और कक्षा कक्ष में जिस सीट पर बैठा, उसको आगे भी उसी सीट पर बैठना होगा। एक कमरे में मात्र 15 से 20 विद्यार्थियों को बैठाया जाएग। सभी कमरों एवं बसों को सेनेटाइज करवा दिया गया है। इस संबंध में बोर्ड कक्षा के बच्चों से ऑनलाइन मीटिंग हो चुकी है। उनको सब कुछ कोविड-19 के निर्देशों के बारे में बता दिया गया है।
शुरू होगा डाउट क्लीयर सेशन
श्रीकृष्णा स्कूल के एमडी कर्मवीर राव ने बताया कि कोविड-19 को लेकर एक टीम गठित की गई है जो सैनिटाइजेशन व अन्य नियमों पर काम कर रही है। स्कूल के अंदर जगह-जगह सैनिटाइज मशीन लगाई गई हैं। 9वीं से 12वीं तक कक्षा के विद्यार्थियों को रोटेशन वाइज बुलाया जाएगा। एक कक्षा में मात्र 20 विद्यार्थी ही बैठकर अपने डाउट क्लीयर कर सकेंगे। अभिभावक को स्कूल में शपथ पत्र देना होगा कि वे अपनी मर्जी से बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं। सरकार द्वारा जारी सभी गाइडलाइन की पूरी पालना की जाएगी।
वर्जन
आज से स्कूल केवल डाउट क्लीयर के लिए खोले जाएंगे। 9 से 12वीं तक विद्यार्थी डाउट क्लीयर के लिए स्कूलों में जा सकते हैं। इसके लिए विद्यार्थी के परिजनों को शपथ पत्र स्कूल प्राचार्य या संचालक को देना होगा। इसके अलावा स्कूल संचालकों को भी खंड शिक्षा कार्यालय में शपथ पत्र देना होगा कि वे सरकार के सभी नियमों की पूरी निष्ठा से पालना करेंगे।
अशोक शर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी, महेंद्रगढ़।