नारनौल। एक वकील के घर से गायब हो जाने के करीब आठ दिन बीत जाने के बाद कोई सुराग न लगने व पुलिस की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को अपना वर्क सस्पेंड रखकर अदालतों का कामकाज ठप रखा। इसके साथ करीब डेढ़ घंटे तक लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर बैठकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
वकीलों का कहना है कि उनके साथी वकील का करीब आठ दिन पूर्व अपहरण हुआ था, जबकि पुलिस ने लापता की एफआईआर दर्ज की। उन्होंने कहा कि इस बारे में वकील चार दिन पूर्व भी एसपी से मिले थे, लेकिन अभी तक लापता वकील की बरामदगी नहीं हुई है। जिसके चलते न केवल पीड़ित परिवार, बल्कि अधिवक्ताओं में भी पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर रोष व्याप्त है। प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं को समझाने के लिए मौके पर डीएसपी महेंद्रसिंह भी पहुंचे, लेकिन उनकी बात न मानते हुए उन्होंने अपना धरना जारी रखा और एसपी से मिलने के बात कही। एसपी से मिलकर आने के बाद अधिवक्ताओं के दल ने बताया कि उनकी गायब हुई वकील से बात हो गई है और वह ठीक है। वहीं डीएसपी ने भी प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं से कहा कि हम आज शाम तक या कल सुबह तक वकील को ले आएगें। इसके बाद अधिवक्ताओं का गुस्सा शांत हुआ और वे धरना समाप्त कर वापस लौटे।
गौरतलब है कि गांव कोरियावास निवासी वकील अजय कुमार नारनौल की कोर्ट में प्रैक्टिस करता है। उसकी पत्नी मोनिका उर्फ ज्योति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसका पति अजय कुमार 29 सितंबर की शाम को घर से मोटरसाइकिल लेकर नारनौल से सामान लाने की बात कह कर निकाला था। जब वह काफी देर तक नहीं आया तो उसने उसके पास फोन किया, लेकिन उसका फोन स्विच ऑफ आ रहा था। मोनिका ने ज्ञापन में लिखा है कि उसकी सास का किडनी का ऑपरेशन जयपुर में हुआ है, इसलिए उसकी सास व ससुर जयपुर में थे। इस पर उसने अपने देवर को उसके पति अजय कुमार की तलाश करने के लिए कहा। जब उसका देवर अमित अपने भाई की तलाश करने के लिए निकला तो गांव के नजदीक उसके पति की बाइक मिली, लेकिन वह नहीं मिला।
इस पर अमित थाने में शिकायत करने गया तब पहले उसे यह कहकर लौटा दिया कि वह लापता व्यक्ति की फोटो लाए। बाद में जब दोबारा फोटो लेकर गए तो उन्होंने केवल गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की, जबकि उसे पूरा शक है कि उसके पति का किसी ने अपहरण किया है, क्योंकि उसके पति के पास किसी का फोन आता था। फोन सुनते ही वह डर जाता था। इस बारे में चार दिन पहले भी वकील एसपी से मिले थे। वकीलों का कहना था कि पुलिस को गुमशुदगी की बजाय अपहरण का मामला दर्ज कर लापता वकील की तलाश जल्द करे।
अधिवक्ताओं ने कहा कि ज्ञापन देने के चार दिन बीत जाने के बाद भी वकील का पता नहीं चला तो शुक्रवार को बार एसोसिएशन को विरोध स्वरूप प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। प्रदर्शन करने वाले वकीलों का कहना था कि पुलिस प्रशासन वकील को बरामद करने में तत्परता नहीं दिखा रहा है। जिसके चलते सभी वकीलों में रोष है। लघु सचिवालय में वकीलों के प्रदर्शन के चलते वहां पर पुलिस बल भी तैनात करना पड़ा।