क्षेत्र में फिर से बजरी वाशिंग प्लांट शुरू होने की सूचना पर बुधवार को प्रशासन की टास्क फोर्स ने छापामार कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने आधा दर्जन अवैध प्लांटों को ध्वस्त कर दिया।
कृष्णावती नदी के गांव ढाणी जाजमा, शहबाजपुर, भेंडटी, नोलायजा के ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई साल से कृष्णावती नदी में अवैध खनन चल रहा है। 8-10 लोगों ने नदी के किनारे निजी जमीन पर वाशिंग प्लांट लगा लिए थे। रातभर नदी में बजरी निकाल दिन में वाशिंग कर महंगे दामों में बेचते हैं। दो साल पहले कार्रवाई के दौरान हरियाणा में स्थित प्लांटों को तोड़ दिया था।
इसके बाद संचालकों ने राजस्थान की सीमा में प्लांट स्थापित कर लिए। संचालक रातभर नदी और निजी भूमि से खनन करके बजरी स्टॉक करते हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर माइनिंग विभाग ने छापामारी की। कार्रवाई की सूचना लीक होने के कारण न तो संचालक मिले और न मशीनें चलते हुए मिलीं।
डीसी ने गठित की है टास्क फोर्स
धौलेड़ा में क्रशर हादसे के बाद जिला उपायुक्त अतुल कुमार द्विवेदी ने प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में अवैध खनन, वाशिंग प्लांट, क्रशर बंद करवाने के आदेश दिए थे। खनन बंद नहीं होने की स्थिति में विभागीय अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके बाद तत्कालीन सीटीएम ने टास्क फोर्स की मदद से कार्रवाई को अंजाम दिया। उपायुक्त के आदेश को दरकिनार करते हुए खनन माफिया दोबारा प्लांट निर्माण करवा सक्रिय हो गया है। बुधवार को डीसी के आदेश पर एसडीएम विवेक कालिया की अगुवाई में छापामार कार्रवाई की गई।