दिल्ली के निर्भया कांड के बाद भी बेटियों के साथ उत्पीड़न का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। देश में आए दिन बेटियों के साथ दुष्कर्म की वारदातें हो रही हैं। हैदराबाद में डॉक्टर बेटी के साथ हुई हैवानियत की वारदात नेे सभी को झकझोर कर रख दिया है। महिला सुरक्षा को लेकर अब बातों से काम नहीं चलेगा। इसे लेकर त्वरित कार्रवाई कर समाज में एक कड़ा संदेश देने की जरूरत है। ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होनी चाहिए। दोषियों को चौराहे पर पर सजा-ए-मौत मिलनी चाहिए, ताकि दूसरे को सबक मिल सके।
अमर उजाला की ओर से बुधवार को मोती नगर स्थित सामाजिक विकास पथ समिति के कार्यालय में संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें महिलाओं ने हैदराबाद कांड पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने डॉक्टर बेटी को श्रद्धांजलि देने के लिए पहले दो मिनट का मौन रखा। महिलाओं का कहना है कि ऐसे दरिंदों पर कोर्ट त्वरित तरीके से फैसला सुनाए, जिससे पीड़ित को जल्द इंसाफ मिल सके। केस में देरी होने से पीड़ित का मनोबल टूटता है। ऐसे मामलों में दोषियों को अब जनता के सामने सजा-ए-मौत मिलनी चाहिए, जिससे ऐसे लोगों में डर पैदा हो। मामले को लेकर क्या बोलीं महिलाएं
-बेटियों के साथ लगातार बर्बर घटनाएं हो रही हैं। यह निंदनीय के साथ-साथ चिंता का विषय है। महिला सुरक्षा को लेेकर और कदम उठाने होंगे। दूसरा महिलाओं को भी खुद अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना चाहिए। हैदराबाद की वारदात से यह स्पष्ट है कि आरोपियों में कानून का खौफ नहीं था। निर्भया कांड के बाद भी अपराधियों में डर का भाव नहीं है। इस प्रकार के मामलों में त्वरित न्याय मिलना चाहिए। दोषियों को अब जनता के सामने सजा-ए-मौत मिलनी चाहिए।
-प्रेम यादव, प्रधान, सामाजिक विकास पथ समिति।
- निर्भया जैसी वारदातें अंदर तक झकझोर कर रख देती हैं। यह समाज के लिए कलंक है। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए कठोर कदम उठाने की जरूरत है। मां सख्त बने और बेटों पर भी नियम सख्ती से लागू करें, ताकि किसी भी बेटी सुरक्षित रह सके। दूसरा भारत में दुष्कर्म के मामलों में कानून को सख्त बनाने की जरूरत है। ऐसे मामलों में दोषियों को जनता के सामने फांसी देना चाहिए। गांवों में शराब बेचने पर पाबंदी होनी चाहिए। अपराध में नशा एक बहुत बड़ा कारण होता है।
-रोशनी, राष्ट्रपति अवार्डी व सचिव सामाजिक विकास पथ समिति।
-ऐसे मामलों को कैसे रोका जाए, इस पर ध्यान देने की जरूरत है। दुष्कर्म आरोपियों को जनता के सामने सजा देना चाहिए। दूसरा लड़कियों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। हमें अपनी सोच बदलनी होगी। तभी देश आगे बढ़ेगा। अब और कोई निर्भया न बने, इसके लिए सख्त से सख्त कदम होंगे। सरकार व समाज को इस ओर ध्यान देना चाहिए, ताकि लड़कियां बेखौफ होकर घर से बाहर निकल सकें। इस अमानवीय कृत्य पर लोगों में गुस्सा है।
-आशा पूनिया, महासचिव एस/एसटी सेल।
-दुष्कर्म के दोषियों को तुरंत सजा मिलनी चाहिए। हमारी और बेटियां निर्भया न बनें, इसके लिए बच्चों को शिक्षित बनाएं। शिक्षा के साथ उन्हें संस्कार दें। बेटों को भी समझाएं की वह महिलाओं का सम्मान करें। अब महिलाएं भी देर रात तक आफिसों से काम कर घर लौटती हैं। ऐसे में पुलिस गश्त होना जरूरी है। महिला डॉक्टर के साथ जो हुआ बहुत गलत हुआ है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। इसके लिए सरकार को कानून में बदलाव करना चाहिए।
-कमला, गृहणी।
-हैदराबार में महिला डॉक्टर की वारदात ने अंदर तक झकझोर कर रख दिया है। सरकार को दुष्कर्म जैसे मामलों में जल्द न्याय का प्रावधान करना चाहिए। जिससे की दोषियों को जल्द कठोर सजा मिल सके। कई बार पीड़िता को न्याय के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। सामाजिक दबाव व तनाव झेलना पड़ता है। ऐसे मामलों में लोग भी पीड़ित का सहयोग करें। इंडिया में भी अरब देशों का कानून होना चाहिए।
-पूजा, गृहणी।
- कई बार दुष्कर्म के आरोप साबित होने के बाद भी दोषियों पर त्वरित कार्रवाई नहीं होती। ऐसे मामलों में जल्द दोषियों को सजा हो। ऐसी सोच रखने वालों को मानवीय सुविधाएं न दी जाए। समाज के लोगों को इस बारे में सोचना होगा। डरने के बजाय दूसरे की मदद करनी चाहिए। लड़कियों को अपनी सुरक्षा के लिए सेल्फ डिफेंस सीखना चाहिए। हैदराबाद की घटना पहली बार नहीं हुई है। कड़ी सजा से ऐसे मामलों पर रोका जा सकता है।
-सुमन यादव।
-देश में आए दिन दुष्कर्म की घटनाएं सुनने में आती रहती हैं। दिल्ली के निर्भया केस के बाद भी बेटियों के उत्पीड़न का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। दुष्कर्म पीड़िता का हर स्तर पर सहायता होनी चाहिए, क्योंकि कई बार पीड़िता को हतोत्साहित किया जाता है। हैदराबाद की वारदात से सभी स्तब्ध हैं। दोषियों को जनता के सामने फांसी की सजा देनी चाहिए। इसे लेकर देश में प्रदर्शन से यह साबित होता है कि लोगों में गुस्सा है। आखिर ऐसे घटनाएं कब तक होती रहेंगी।
-सुमन, गृहणी।
- महिला सुरक्षा को लेकर बातें नहीं, बल्कि इस व्यवस्था को बदलना जरूरी है। ऐसे मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो और जल्द फैसला आए। ऐसे मामलों का निपटारा कुछ दिनों में हो जाना चाहिए। जब दरिंदे ऐसे वारदातों को अंजाम देते हैं तो कुछ दिन विरोध होता है। फिर लोग भूल जाते हैं। दूसरी ओर पुलिस को भी गश्त बढ़ानी चाहिए। बेटियों को सेल्फ डिफेस की ट्रेनिंग देनी चाहिए, ताकि वह सक्षम बन सकें।
-नीलम, गृहणी।
- निर्भया कांड या ऐसे मामलों में दोषियों को जनता के बीच में सजा देना चाहिए। जिससे समाज में इसे लेकर कठोर संदेश जाए। हैदराबाद के अलावा राजस्थान में भी बच्ची के रेप के बाद हत्या कर दी गई। नियम व कानून सभी के लिए बराबर होने चाहिए। ऐसी वारदातों को रोकने के लिए कानून सख्त होना चाहिए। जिससे अपराधी ऐसी वारदातों को करने से पहले सौ बार सोचे। लड़कियों को सबल बनाने के लिए कराटे सिखाया जाना चाहिए। -ममता यादव, बुटीक संचालिका।
- हैदराबाद में डॉक्टर बेटी पशुओं को जीवन देती थी। लेकिन, दरिंदों ने उसके साथ हैवानियत की। ऐसे दोषियों को नपुंसक बना देना चाहिए। दूसरा शहरों में सभी प्रमुख जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए। निर्भया कांड के बाद लगातार ऐसे मामले सुनने में आ रहे हैं। लोगों की मानसिकता नहीं बदल रहती है। दुष्कर्म के आरोपियों को तुरंत फांसी मिलने का प्रावधान होना चाहिए। लड़कियों के ड्रेस पर टोका-टिप्पणी लोगों को नहीं करना चाहिए।
-केला देवी, सेवा समिति की संयोजिका।
- अब समाज और सिस्टम को बदलना होगा। दुष्कर्म के दोषियों के लिए समाज में जगह नहीं होनी चाहिए। निर्भया कांड के बाद कानून में बदलाव हुआ था। इसके बाद भी कई ऐसे मामले आ चुके हैं। कुछ मामलों में ऐसे दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई थी, लेकिन अभी तक नहीं हुई। दरिंदों ने डॉक्टर के साथ जो किया, वही उन अपराधियों के साथ होना चाहिए। उन्हें भी जिंदा जला देना चाहिए। पुलिस भी महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर हो।
सुनीता शर्मा।
- लड़कियों को कराटे सिखाने की जरूरत है, ताकि वह अपनी सुरक्षा कर सकें। अभी भी लोगों की मानसिकता में बदलाव नहीं आया है। इसी के कारण समाज में इस प्रकार के मामले सुनने में आ रहे हैं। दुष्कर्म के आरोपियों को कड़ी सजा जनता के बीच में मिलनी चाहिए। दूसरा ऐसे मामलों को पुलिस को भी गंभीरता से लेना चाहिए। सरकार को भी इस दिशा में कारगर कदम उठाने चाहिए। हैदराबाद की घटना से लोगों में गुस्सा है।
-सुलोचना, गृहणी।
- लड़कियों को आत्म सुरक्षा के बारे में ट्रेनिंग देने की जरूरत है। सामाजिक तौर पर बहुत कुछ करने की जरूरत है। चाहे जागरूकता हो, शिक्षा हो या सेल्फ डिफेंस हो। लड़कियों को खुद अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना चाहिए। घर से बाहर जाने पर परिवार तके लोगों को जानकारी देना चाहिए। हैदराबाद के आरोपियों को जल्द कड़ी सजा मिलनी चाहिए। ऐसे मामलों को लेकर सभी को सोचने की जरूरत है।
मनीषा सैनी, गृहणी।
-महिला डॉक्टर मामले की जितनी निंदा की जाए कम है। ऐसे लोगों के बीच चौराहे पर सजा दी जानी चाहिए। कई बार लंबी कानूनी लड़ाई में पीड़िता को न्याय मिलने में देरी होती है। इससे उसका मनोबल टूटता है। महिला डॉक्टर के आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। सरकार को ऐसा कदम उठना चाहिए कि आरोपियों जल्द सजा मिले। बार-बार ऐसी घटनाओं से महिलाओं में भय का माहौल बना हुआ है।
-संजना, गृहणी।