धौलेड़ा में एक निर्माणाधीन क्रेशर की बन रही दीवार ढहने से तीन महिलाओं समेत 11 लोगों की मौत हो गई, 30 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसे में मौके पर ही 10 लोगों की मौत हो गई थी जबकि एक ने हायर सेंटर ले जाते हुए दम तोड़ दिया। उपायुक्त ने मृतकों के परिजनों को तीन-तीन लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है।
घटना से गुस्साए धौलेड़ा के ग्रामीणों ने क्रेशर जोन की ओर जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया है। नारनौल से 15 किमी दूर धौलेड़ा में स्थित जोन में एक निर्माणाधीन क्रेशर पर दीवार निर्माण का काम चल रहा था। शुक्रवार को दोपहर करीब 12 बजे क्रेशर की चारदीवारी के लिए बनाई जा रही एक दीवार बेस गहरा होने के कारण भरभरा कर गिर गई। दीवार गिरने से चिनाई में लगे 40 से 50 मजदूर घायल हो गए। इनमें से 10 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। दीवार ढहते ही अफरातफरी मच गई और लोगों ने तुरंत अपने साधनों से दीवार का मलबा हटाया और घायलों को सिविल अस्पताल पहुंचाया।
हादसे में घायल और मृतक
हादसे में धौलेड़ा की गीता (30) पत्नी सिकंदर, लीला (32) पत्नी ओमप्रकाश, ममता (17) पुत्री सीताराम, यादराम (40) पुत्र हजारीलाल, बेगपुर निवासी सुरेंद्र (30) पुत्र मांगूराम, इस्लामपुरा निवासी राजू (28) पुत्र रामौतार, मेघोत बिंजा निवासी कंवर सिंह पुत्र थावर, बेगपुरा निवासी अभय सिंह (32) पुत्र चंद्रभान, सरेली निवासी शेर सिंह (53) पुत्र जुत्थाराम, इस्लापुरा निवासी भूपेंद्र (20) पुत्र गणेश और गांव सरेली निवासी पीरु पुत्र मिस्ती की मौत हो गई। वहीं घायलों में मेघोत निवासी संजय व सुमेर, धौलेड़ा निवासी पूजा, सविता, शंकर तथा चांदबाई के अलावा सिलूरी निवासी चंदा, सरेली निवासी नरेश कुमार को उपचार के लिए रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। धौलेड़ा निवासी संजू, रामपियारी, तेजू और बच्ची को इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन लोगों के अलावा भी कई घायलों को सिविल अस्पताल में लाया गया। जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
मौके पर पहुंचे कई अधिकारी
हादसे में मारे गए लोगों का देर शाम सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ। हादसे के बाद उपायुक्त, एसपी, एमएलए और एसडीएम आदि ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और सिविल अस्पताल का भी दौरा किया। देर शाम शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने भी अस्पताल का दौरा कर घायलों का हालचाल जाना। वहीं अचानक सिविल अस्पताल में इतने अधिक मरीज आने से अफरा-तफरी मच गई। इसके कारण प्रशासन ने तुरंत भारी संख्या में सिविल अस्पताल और धौलेड़ा भेजा।