महेंद्रगढ़। भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में बुधवार शाम को प्रदेश की 67 विधान सभा सीटों पर उम्मीदवारों की सूची जारी की गई है। इस सूची में महेंद्रगढ़ जिले की अटेली विधानसभा क्षेत्र से आरती राव को भाजपा का उम्मीदवार घोषित किया गया है।
राव इंद्रजीत सिंह की ओर से गत 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में भी आरती राव के लिए टिकट की मांग की थी, लेकिन भाजपा की ओर से वंशवाद की राजनीति को समाप्त करने की घोषणा आड़े आ गई थी। इसके कारण राव के प्रयासों के बावजूद भी आरती राव को टिकट नहीं मिल पाया था। हालांकि गत लोकसभा चुनाव में भी आरती राव ने अटेली विधान सभा सीट पर अपनी दावेदारी जताते हुए सक्रिय भूमिका निभाई थी।
आरती राव हैं निशानेबाज
आरती राव के दादा व राव इंद्रजीत सिंह के पिता राव बिरेंद्र सिंह दक्षिणी हरियाणा से इकलौते मुख्यमंत्री बने थे। राव बिरेंद्र सिंह के बाद अभी तक दक्षिणी हरियाणा से कोई भी मुख्यमंत्री नहीं बन पाया है। 45 वर्षीय आरती राव ने भारत के निशानेबाज रहे मनशेर सिंह के सामने 14 बार राष्ट्रीय चैंपियन बनने के उनके रिकॉर्ड को तोड़ा था। दिल्ली विश्व विद्यालय से ग्रेजुएशन करने वाली आरती राव पिछले दस सालों से राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। अपने पिता राव इंद्रजीत के साथ मंच भी सांझा करती हैं। आरती राव को टिकट मिलने से अटेली विधानसभा क्षेत्र का सियासी पारा भी चढ़ गया है। यह चुनाव तय करेगा की भाजपा की यह निशानेबाज अटेली विधानसभा क्षेत्र की टिकट पर सही निशाना लगा सकती है या नहीं। जो भी हो राव के गत लोक सभा चुनाव के दौरान खुले मंचों से तेवर देख भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने भी उनको साधने का प्रयास करते हुए निशानेबाज आरती राव को अटेली विधानसभा सीट पर निशाना लगाने के लिए मैदान में उतार दिया है। हालांकि अटेली विधानसभा सीट से भाजपा टिकट की दावेदारी जता रहे कुछ लोग पहले ही राजशाही के खिलाफ खुले मंच से बयान दे चुके हैं।