फोटो नंबर-22पीजी कॉलेज में बंसत उत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ करते अतिथि। स्रोत-संस्थान
नारनौल। राजकीय महाविद्यालय में दो दिवसीय आगाज-ए-वसंत उत्सव का भव्य शुभारंभ शुक्रवार को हर्षोल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ किया गया। प्रोफेसर राजवीर सिंह ने कहा कि त्योहार केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम हैं।
उन्होंने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए प्राचीन कवियों और समाज सुधारकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. मीना कुमारी ने बताया कि उत्सव के पहले दिन विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारने के लिए रंगोली, पोस्टर मेकिंग, स्किट और पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
महाविद्यालय परिषद की ओर से कार्यकारी प्राचार्य डॉ. हवा सिंह के नेतृत्व में मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। इस मौके पर प्रोफेसर नरेश यादव, प्रोफेसर सतीश सैनी सहित महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का माहौल उत्साह और सांस्कृतिक चेतना से भरपूर रहा।