नारनौल। कोथल कलां गांव के बलवान सिंह (40) पुत्र ओमप्रकाश का महावीर पुलिस चौकी में बने शौचालय में संदिग्ध हाल में फंदे से लटका शव मिला है। पुलिस का कहना है बीती रात वह नशे की हालत में मिला था। बाथरूम जाने की बात कहकर उसने बिजली के तार से फंदा लगा लिया। हालांकि, बलवान ने फंदा क्यों लगाया? अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है।
शहर थाने के इंस्पेक्टर भूपेश कुमार ने बताया कि मंगलवार की रात करीब 10 बजे डीसी आवास के सामने बलवान नशे की हालत में मिला था। इस पर पुलिस कर्मी उसे चौकी ले आए। फिर बलवान के घरवालों को फोन कर सूचना दी गई लेकिन परिजन उसे लेने नहीं आए। देर रात उसने फंदा लगा लिया।
पिता ओमप्रकाश ने बताया है कि बलवान पिछले तीन दिन से घर नहीं आया था। मंगलवार की शाम उसने किसी के फोन से कॉल कर 10 हजार रुपये मांगे थे। इस पर वे सरपंच प्रतिनिधि संजय के साथ महावीर चौक पर पहुंचे और उसे गाड़ी में साथ घर चलने के लिए कहा तो वह नहीं आया। इसके बाद वे घर चले गए।
ओमप्रकाया ने बताया कि रात करीब 10 बजे पुलिस चौकी से फोन आया कि बलवान मिल गया है उसे घर ले जाओ। इस पर उन्होंने सुबह आने की बात कही थी।
बताया कि बुधवार सुबह महेंद्रगढ़ थाने के एसएचओ घर आए। बोले-नारनौल पुलिस चौकी चलना है। जब वे चौकी पहुंचे तो बेटे का शव पड़ा हुआ था। सूचना पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट व डीएसपी भारत भूषण भी पहुंचे। उन्होंने पुलिस कर्मियों से घटना की जानकारी ली।
बड़ा सवाल...बिना केस दर्ज किए कैसे रखा हिरासत में?
पुलिस चौकी में संदिग्ध हाल में फंदे पर लटके मिले बलवान ने खुदकुशी क्यों की? यह तो अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन पुलिस ने उसे किस जुर्म में चौकी में रखा यह बात गले नहीं उतर रही है। दरअसल, पुलिस के मुताबिक, मंगलवार की रात वह नशे की हालत में घूमते मिला था। इसलिए पुलिसकर्मी उसे चौकी में उठा लाए। अब सवाल उठता है क्या पुलिस नशे में मिलने वाले हर व्यक्ति को चौकी या थाने ले आती है? अगर लाती है तो क्या उसका मेडिकल चेकअप कराया जाता है? क्या पुलिस ने बलवान का मेडिकल चेकअप कराया था? अभी कुछ माह पहले रेवाड़ी जिले के एक पुलिस थाने में भी हत्या के आरोप में गिरफ्तार एक व्यक्ति ने फंदा लगाकर जान दे दी थी। हालांकि घटना थाने में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई थी। इस मामले में पुलिस कर्मियों पर भी विभागीय कार्रवाई की गई थी।
बेरोजगार था बलवान, ट्यूशन पढ़ाकर करता था गुजर-बसर
पिता ओमप्रकाश ने बताया बलवान बेरोजगार और अविवाहित था। वह गांव में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर गुजर-बसर करता था। पिछले कुछ समय से वह नशे का आदी हो गया था।
वर्जन-
-पोस्टमार्टम के बाद बलवारन का शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले में 194 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की गई है।
-भूपेश कुमार इंस्पेक्टर शहर थाना।