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Mahendragarh-Narnaul News: महेंद्रगढ़ क्षेत्र की कुल 20300 एकड़ वन्य भूमि होगी हरी भरी, वन विभाग 31 तक जिले में लगाएगा तीन लाख पौधे

Mon, 15 Jul 2024 02:24 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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फोटो संख्या:57- महेंद्रगढ़ वन विभाग की नर्सरी में तैयार किए गए पौधे--स्रोत--संवाद
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महेंद्रगढ़। वन विभाग द्वारा अपनी महेंद्रगढ़ क्षेत्र की कुल 20300 एकड़ वन्य भूमि व 58581 एकड़ ग्राम पंचायतों की भूमि पर 31 जुलाई तक जिले में करीब चार लाख पौधे व उपमंडल में 1.50 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है।
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वन विभाग द्वारा 25 जून से मानसूनी सीजन की शुरूआत होते ही पौधरोपण अभियान की शुरूआत कर दी गई है। अपने इस अभियान के तहत विभाग द्वारा अभी तक 70 प्रतिशत पौधे लगाए जा चुके हैं। वन विभाग की यह योजना धरातल पर उतरी तो क्षेत्र आगामी दो वर्षों में हरा भरा नजर आएगा।
वन विभाग ने महेंद्रगढ़ उपमंडल के गांव झगडौली व धनौंदा के अलावा महेंद्रगढ़ में तीन नर्सरी तैयार की हैैं। गांव कृष्णावती व लहरोदा व नांगल चौधरी में भुंगारका में भी नर्सरी तैयार की गई हैं। इस बार महेंद्रगढ़ जिले में 4 लाख व उपमंडल में 1.50 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
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साधारण पत्र देकर कोई भी ले सकता है पौधे
वन विभाग से कोई भी जरुरतमंद साधारण पत्र देकर पौधे ले सकता है। विभाग द्वारा विभाग द्वारा 15 गुणा 22 एमएम छोटे, 30 गुणा 45 एमएम की पैकिंग के बड़े पौधे तैयार कराए हैं। बड़े पौधों की लंबाई तीन फीट से आठ फीट तक होती है जो लगाने के बाद शीघ्रता से ग्रोथ करते है। कोई भी संस्था या संगठन विभाग को साधारण पत्र देकर पौधे ले सकता है।
विभाग ने यह पौधे किए हैं इस बार विशेष रूप से तैयार
वन विभाग द्वारा महेंद्रगढ़ उपमंडल में इस बार बागवानी का ध्यान रखते हुए फलदार पौधे भी उपलब्ध कराए हैं जिनमें अमरुद, नींबू व किन्नू, अनार, आंवला, केला, सहगना, पपीता व जामुन की अधिकता है। वहीं फूलदार पौधों की चांदनी, लीली, उत्तरलीवा, गुडहल, टीमामा, गिरीपुष्प, अमलताश, गुलमोहर, कनेर तथा छायादार पौधों में शीशम, पापड़ी, नीम, बेलपत्र, शहतूत, सिरस व त्रिवेणी में बड़, पीपल व नीम सहित 30 से 40 प्रकार के पौधे उपलब्ध कराए गए हैं।
कहां कितना है वन्य भूमि का रकबा
महेंद्रगढ़ जिले में वन विभाग के पास 2394 हेक्टेयर वन्य भूमि है। इसके अलावा वन क्षेत्र को बढ़ाने के लिए 5 हजार हेक्टेयर से अधिक वन भूमि का नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। वहीं महेंद्रगढ़ उपमंडल में 1662.1 हेक्टेयर वन्य भूमि का रकबा है। इसके अलावा क्षेत्र की मुख्य सड़कों के किनारे विभाग की भूमि का रकबा 1213.92 हेक्टेयर, नहर किनारे 847.44 हेक्टेयर, बांध क्षेत्र में वन्य भूमि का रकबा 97.68 हेक्टेयर, रेलवे लाइनों के सहारे 235.22 हेक्टेयर, सघन संरक्षित वन्य भूमि 8.35 हेक्टेयर, अधिगृहित वन्य क्षेत्र 28.19 हेक्टेयर, खंड वन्य भूमि 38 सेकन में 544.72 हेक्टेयर, सीमा के नजदीक क्षेत्र में 1088.52 हेक्टेयर भूमि के साथ-साथ पंचायती भूमि का 23432.75 हेक्टेयर रकबा वन विभाग द्वारा पौध रोपण के लिए चयनित किया है।
जल शक्ति अभियान के तहत 2.30 लाख पौधे निशुल्क उपलब्ध कराएगा विभाग
वन विभाग द्वारा जिले में जल शक्ति अभियान के तहत 2.50 लाख पौधे ग्राम पंचायतों को, 50 हजार निशुल्क सामाजिक संगठनों व अन्य, 50 हजार पौधे अभियान के तहत निजी व सरकारी विद्यालयों में व 50 हजार पौधे विभाग की ओर से लगाए जाएंगे। वहीं उपमंडल में एक लाख पौधे जल शक्ति अभियान के तहत पंचायतों को, 30 हजार पौधे सामाजिक व धार्मिक या अन्य प्रकार के संगठनों को, 20 हजार पौधे पौधगीरी अभियान के तहत निजी व सरकारी स्कूलों को व 15 हजार पौधे विभाग के द्वारा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है।
वन विभाग द्वारा पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महेंद्रगढ़ में इस बार विभाग द्वारा करीब तीन लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। उनकी अपील है कि जो लोग पौधे ले जाते हैं वह अच्छी प्रकार से पौधों की देखभाल करें। केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें। उनका लक्ष्य है महेंद्रगढ़ में अच्छी हरियाली हो।
-चंद्रगुप्त, वन मंडल अधिकारी महेंद्रगढ़

फोटो संख्या:57- महेंद्रगढ़ वन विभाग की नर्सरी में तैयार किए गए पौधे--स्रोत--संवाद

फोटो संख्या:57- महेंद्रगढ़ वन विभाग की नर्सरी में तैयार किए गए पौधे--स्रोत--संवाद

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