नारनौल। अब महिलाओं में भी टीबी के संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। अगर किसी को लगातार खांसी व बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच करानी चाहिए। वहीं, जागरूकता से ही टीबी मुक्त भारत संभव है।
ये बात अमर उजाला कार्यालय में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि टीबी कोऑर्डिनेटर शोभा शर्मा ने कही। उन्होंने महिलाओं को टीबी के लक्षण, बचाव और सरकारी उपचार सुविधाओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. कृष्णा आर्या, श्वेता शाह, सरिता जांगड़ा, सावित्री संघी और सरोज कश्यप सहित अन्य महिलाओं ने भी अपने विचार रखे और पोलियो की तरफ देश को टीबी से भी मुक्त करने का संकल्प लिया।
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मैं 2022 से अब तक 14 मरीजों को गोद ले चुकी हूं। इन मरीजों को प्रतिमाह 500 रुपये का पौष्टिक आहार दिया जाता हैं। अगर महिलाएं जागरूक होगी तो जल्द ही देश टीबी मुक्त हो जाएगा।
-डॉ. कृष्ण आर्या
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निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों की मदद करनी चाहिए। इस कार्य में महिलाओं को भी आगे आना होगा ताकि समाज में जागरूकता आ सके। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर होने चाहिए।
-सरोज कश्यप
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जिस तरह देश पोलियो मुक्त हो चुका है इसी तरह हमें टीबी मुक्त बनाना है। अनेक लोग अभी टीबी को लेकर गंभीर नहीं है जिसकी वजह से आसपास और घर के सदस्य भी चपेट में आ जाते हैं।
-श्वेता शाह
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सरकार टीबी की जांच और दवा निशुल्क देने के बावजूद लोग उपचार लेने में कोताही बरत रहे हैं। इसमें महिलाएं अहम योगदान दे सकती हैं। अगर किसी में भी लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अस्पताल में जांच करवाए।
-सावित्री संघी