फोटो 05: कथा के तीसरे दिन शिव विवाह व विदुर चरित्र का प्रसंग सुनाती हुई कथावाचक। स्रोत: आयोजक
सिहमा। खंड के गांव गुवानी स्थित बाबा गैबीराम मंदिर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धा भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथावाचक अलकनंदा किशोरी ने शिव विवाह एवं विदुर चरित्र प्रसंग का अत्यंत मार्मिक और भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान बताया कि पर्वतराज हिमालय ने संतान प्राप्ति के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर माता जगदंबा ने उनके घर पुत्री रूप में जन्म लेने का वरदान दिया। इसके पश्चात माता पार्वती का जन्म हुआ और बाल्यकाल से ही वे भगवान भोलेनाथ की अनन्य भक्त रहीं। जब माता पार्वती विवाह योग्य हुईं तब पर्वतराज हिमालय को उनके योग्य वर की चिंता होने लगी। इसी बीच महर्षि नारद उनके घर पहुंचे और उन्होंने भगवान शिव के साथ पार्वती के दिव्य विवाह का संयोग बताया। संवाद