नांगल चौधरी। क्षेत्र में खास मुर्रा नस्ल की भैंस चर्चा का विषय बनी हुई है। करीब 11 लाख रुपये की कीमत वाली यह भैंस अपनी कदकाठी, चमकदार रंग और दुग्ध उत्पादन क्षमता के कारण आकर्षित कर रही है। भैंस को देखने के लिए आसपास के गांवों से लोगों भी आ रहे हैं। यह भैंस गांव शहबाजपुर के सरपंच विक्रम ने राजस्थान के गंगानगर से खरीदी गई।
सरपंच विक्रम ने बताया कि उन्होंने शुद्ध और उच्च दुग्ध क्षमता वाली मुर्रा नस्ल की भैंस की तलाश के बाद यह सौदा किया। उन्होंने कहा कि अच्छी नस्ल, सही देखभाल और संतुलित आहार से पशुपालन को लाभकारी बनाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि यह मुर्रा भैंस रोजाना करीब 27 किलो दूध देती है जो सामान्य भैंसों की तुलना में कहीं अधिक है। इसी कारण पशुपालकों में इसे लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। कई पशुपालक भैंस की देखभाल, खान-पान और रखरखाव की जानकारी लेने भी पहुंच रहे हैं।
सरपंच विक्रम के अनुसार, भैंस को विशेष आहार दिया जाता है। इसमें हरा चारा, सूखा चारा, खल, दाना, मिनरल मिक्सचर और साफ पानी शामिल है। समय-समय पर पशु चिकित्सकों की सलाह भी ली जाती है ताकि भैंस पूरी तरह स्वस्थ रहे और दूध उत्पादन बना रहे।
स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर सरकार और प्रशासन पशुपालकों को सही मार्गदर्शन और सुविधाएं दे तो ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। फिलहाल यह 11 लाख की मुर्रा भैंस नांगल चौधरी क्षेत्र में ही नहीं बल्कि पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और पशुपालकों के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है।
भैंस देखने आए एक किसान धौलाराम ने कहा कि हमने आज तक ऐसी भैंस नहीं देखी, इसका शरीर मजबूत है और दूध की मात्रा भी काफी ज्यादा बताई जा रही है। अगर सही देखभाल हो तो यह किसान के लिए वरदान साबित हो सकती है। पहले ऐसी नस्लें बहुत कम देखने को मिलती थी। इससे पशुपालकों को अच्छी नस्ल पालने की प्रेरणा मिलेगी।
हवलदार देशराज यादव ने कहा कि 11 लाख की कीमत सुनकर पहले तो यकीन नहीं हुआ लेकिन जब भैंस को देखा तो समझ आया कि इसकी कीमत क्यों है। यह वाकई खास नस्ल की भैंस है।
कई मेलों में जीत चुकी है इनाम
सरपंच विक्रम ने बताया कि इस मुर्रा नस्ल की भैंस ने कई मेलों में इनाम भी जीते हैं जो हीना नाम से प्रसिद्ध है। विक्रम ने बताया कि उनकी डेयरी है जिसमें करीब 10 भैंसे हैं और एक गाय है जो अलग-अलग नस्ल की है। उन्होंने बताया कि एक गाय है जो 18 लीटर दूध देती है। वहीं भैंसे भी अलग-अलग नस्ल की और अधिक दूध देने वाली है। इनका खानपान का विशेष ध्यान रखा जाता है।