गांव सरेली में पिछले एक माह से मोटर खराब होने के कारण लोग पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों के बार-बार कहने के बावजूद शिकायत का निराकरण नहीं हो पाया है। ग्रामीणों को दूरदराज से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने समस्या समाधान के लिए 11 नवंबर को डीसी से मिलने की तैयारी कर ली है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में मीठे पानी वाला जनस्वास्थ्य विभाग का एकमात्र नलकूप है। 15 अक्तूबर को नलकूप की मोटर जल जाने के कारण गांव में बनी एकमात्र पीने के पानी की टंकी सूखी पड़ी है। ऐसे में गांव की महिलाओं को दूर दराज से पानी लाना पड़ रहा है। मोटर खराब होने से गांव में भारी पेयजल समस्या बनी हुई है। हालांकि जनस्वास्थ्य विभाग ने दो सप्ताह पहले इसको ठीक कराया, मगर दो दिन सही रहने के बाद यह फिर से जल गई।
शिकायत पर भी नहीं हुई कार्रवाई
सरपंच शीला देवी, सुभाष, रघुबीर, वीरेंद्र, रतिराम, भूप सिंह, आनंद, रामजीलाल, मालाराम, कैलाश, बनवारी, प्रताप, सुरेश, कप्तान लांबा, सुमित्रा, गायत्री, कृष्णा, अनीता, सदा कौर, कांता देवी, पतासी और अंची देवी आदि ग्रामीणों ने बताया कि समस्या के बारे में जनस्वास्थ्य विभाग को कई बार अवगत करवा चुके हैं।
पिछले 4 महीने से जनस्वास्थ्य विभाग के किसी भी कर्मचारी की नियुक्ति न होने के कारण ठीक प्रकार से पेयजल सप्लाई नहीं हों पा रही है। पिछले एक माह से तो सप्लाई ही ठप है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि गांव में नई बिजली की मोटर और कर्मचारी की नियुक्ति की जाए। मंगलवार तक पेयजल समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 11 नवंबर को जिला उपायुक्त को मांग पत्र सौंपेंगे।