फोटो संख्या:-67 करीरा में श्रीमद्देवी भागवत कथा का श्रवण करते हुए श्रद्धालु---संवाद
कनीना। उपमंडल के गांव करीरा में मंगलवार को बाबा भीखम मंदिर में देवी भागवत कथा के छठे दिन आचार्य ने तुलसी-शालिग्राम विवाह का प्रसंग सुनाया।
कथा वाचक हेमराज भारद्वाज ने कहा कि प्राचीन काल में जलंधर नामक राक्षस ने चारों तरफ उत्पात मचा रखा था। वह बड़ा वीर और पराक्रमी था। वीरता का रहस्य था, उसकी पत्नी वृंदा का पतिव्रता धर्म। जलंधर के उपद्रवों से परेशान देवगण भगवान विष्णु के पास गए और रक्षा की गुहार लगाई। उनकी प्रार्थना सुनकर भगवान विष्णु ने वृंदा का पतिव्रता धर्म भंग करने का निश्चय किया। यह कहकर वृंदा पति के साथ सती हो गई। इस जगह वृंदा सती हुई वहां तुलसी का पौधा उत्पन्न हुआ। इस दौरान रामपत, दिनेश शर्मा, सुभाष, ओमप्रकाश बीरमति, सुनीता देवी संतोष देवी, रजनी, रोशनी देवी, शकुंतला, कुसुम लता, मनीषा, कमलेश सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।