फोटो नंबर-12शहीद भूपेंद्र सिंह। फाईल फोटो
नारनौल। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा सेक्टर में तैनात गांव मोहनपुर निवासी नायब सूबेदार भूपेंद्र सिंह (40) का तीन दिन पहले हार्ट अटैक से निधन हो गया। शनिवार सुबह उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा पैतृक गांव पहुंचा तो पूरे गांव में मातम छा गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, पूर्व सैनिक, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे।
सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी को अंतिम सलामी दी। इसके बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ भूपेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। भूपेंद्र सिंह भारतीय सेना की 2 राष्ट्रीय राइफल्स में नायब सूबेदार के पद पर तैनात थे। उनकी ड्यूटी कुपवाड़ा सेक्टर के अग्रिम क्षेत्र में थी। बताया गया कि हिम शौर्य ऑपरेशन के दौरान देश की रक्षा करते हुए उन्हें हार्ट अटैक आया।
23 साल पहले सेना में हुए थे भर्ती
परिजनों के अनुसार भूपेंद्र सिंह करीब 23 वर्ष पहले सेना में भर्ती हुए थे। उनके परिवार में सैन्य सेवा की लंबी परंपरा रही है। उनके पिता सूबेदार रोहतास सिंह सेना से सेवानिवृत्त हैं। परिवार के तीनों भाई रोहतास सिंह, हवा सिंह और दलीप सिंह भी सेना में सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। इसी माहौल में भूपेंद्र ने भी देश सेवा को अपना जीवन समर्पित किया।
दो बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
भूपेंद्र सिंह अपने परिवार में छोटे बेटे थे। उनके पीछे पत्नी और दो बेटियां हैं। 19 वर्षीय बड़ी बेटी बीटेक की पढ़ाई कर रही है जबकि सात वर्षीय छोटी बेटी दूसरी कक्षा में पढ़ती है। पिता का पार्थिव शरीर देखते ही दोनों बेटियों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अंतिम यात्रा में उमड़े जनसैलाब ने वीर सपूत के प्रति लोगों की भावनाएं जाहिर कीं।