फोटो नंबर-07नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए बैठे मरीज। संवाद
- फोटो : टूंडला स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेनें रद्द होने पर बैठे व लेटे रेलयात्री संवाद
नारनौल। जिले के सबसे बड़े नागरिक अस्पताल में मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के मुकाबले नर्सिंग स्टाफ की कमी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए चुनौती बनी हुई है। कागजों में यह अस्पताल 100 बेड का है लेकिन यहां रोज 200 से अधिक मरीज भर्ती रहते हैं। वहीं, रोजाना 1400 से 1500 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
बीते कुछ सालों में अस्पताल में सर्जिकल वार्ड, गायनी वार्ड, इमरजेंसी, आईसीयू, डायलिसिस यूनिट, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और ट्रॉमा सेंटर जैसी कई नई सुविधाएं शुरू की गई हैं। सुविधाएं बढ़ने के साथ मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ी लेकिन नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या उसी अनुपात में नहीं बढ़ सकी।
सीमित संसाधनों में बढ़ता कार्यभार
अस्पताल में 70 स्वीकृत पदों पर वर्तमान में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 22 और 40 नियमित सहित कुल 62 नर्सिंग कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से 4-5 कर्मचारियों की ड्यूटी अस्थायी रूप से महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज में लगी हुई है। इसके अलावा स्वास्थ्य शिविरों, रक्तदान शिविरों और अन्य विभागीय गतिविधियों में भी इसी स्टाफ की तैनाती की जाती है। नियमानुसार, कैंसर यूनिट के लिए एक अलग स्टाफ होना चाहिए, लेकिन वर्षों से मुख्य अस्पताल का स्टाफ ही यह जिम्मेदारी निभा रहा है।
बहुप्रतीक्षित 200 बेड अपग्रेड परियोजना अटकी
अस्पताल प्रशासन लंबे समय से 100 बेड वाले इस अस्पताल को 200 बेड में अपग्रेड करने की मांग कर रहा है। इस परियोजना के तहत भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू होनी थी लेकिन तकनीकी कारणों से यह परियोजना वर्षों से अटकी हुई है। वर्तमान में नई एजेंसी के चयन की प्रक्रिया चल रही है और निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
गत माह की प्रमुख सेवाएं
ओपीडी : 36,291
डिलीवरी : 280
सिजेरियन : 92
एक्स-रे : 5,545
अल्ट्रासाउंड : 959
लैब टेस्ट : 44 हजार
मेजर ऑपरेशन : 335
माइनर ऑपरेशन : 72
वर्जन
अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अतिरिक्त नर्सिंग स्टाफ की जरूरत है। उपलब्ध स्टाफ के साथ भी अस्पताल बेहतर सेवाएं देने का प्रयास कर रहा है। 200 बेड अस्पताल के निर्माण और अतिरिक्त स्टाफ की नियुक्ति के लिए उच्च अधिकारियों को लगातार अवगत कराया जा रहा है।
- डॉ. आशा शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल, नारनौल