फोटो नंबर- 23नारनौल स्थित नई अनाज मंडी में बाजरा खरीद का जायजा लेते कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष
नारनौल। पार्टल में तकनीकी खामियों के कारण गेटपास जारी नहीं होने से बुधवार को नई अनाज मंडी के बाहर करीब 1 किमी लंबी वाहनों की लाइन लग गई। गेटपास और आउटगोइंग के लिए भी किसान कतार में खड़े रहे। दो दिनों से साइट में खामी के कारण नॉमिनी फार्म जनरेट नहीं हो रहे।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने सरकार को घेरा
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने बुधवार को मंडी का दौरा कर किसानों से मुलाकात की। उन्होंने भाजपा सरकार पर बाजरा खरीद में नाजायज शर्तें थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बाजरे का एमएसपी 2900 रुपये प्रति क्विंटल तय है लेकिन गेटपास के लिए घंटों लाइन में लगने के कारण किसानों को कम मूल्य पर फसल बेचनी पड़ रही है।
इनेलो ने दी धरने की चेतावनी
इनेलो नेता राधेश्याम शर्मा ने किसानों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने धीमी खरीद, गेटपास में देरी, सर्वर डाउन और अंगूठा निशान की खामियों की निंदा की। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी सुविधाओं के अभाव में भी किसान परेशान हैं। प्रशासन ने खरीद में तेजी नहीं लाई तो इनेलो कार्यकर्ता धरना देंगे।
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मेरे पिता का देहांत एक माह पहले हुआ था। मैं नॉमिनी फार्म बनवाकर फसल बेचने आया था, लेकिन फार्म जनरेट नहीं हुआ। अब शनिवार को दोबारा आना पड़ेगा।
-पिंटू, किसान, गांव बापडोली
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फिंगर प्रिंट सत्यापन, गेटपास और आउटगोइंग के लिए 3 से 4 घंटे लाइन में लगना पड़ता है जबकि ढेरी लगाकर बेचने में सिर्फ 1 से 2 घंटे लगते हैं।
-संसार सिंह, किसान, गांव गहली
वर्जन:
साइट की खामियों से नॉमिनी फार्म जनरेट और फिंगर प्रिंट सत्यापन में देरी होती है। कृषि विभाग को अवगत करवाया गया है, उम्मीद है 2 दिनों में समस्या दूर हो जाएगी। नॉमिनी फार्म के कारण जो किसान फसल नहीं बेच पा रहे, वे शनिवार को बेच सकते हैं।
-नुकुल यादव, सचिव, मार्केट कमेटी, नारनौल।