फोटो संख्या:72- गांव गाहड़ा में टीबी की जांच करते स्वास्थ्य कर्मचारी--स्रोत- स्वास्थ्य विभाग
कनीना। गांव गाहड़ा में आयोजित टीबी जागरूकता में कुल 98 संभावित टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग की गई जिनमें से दस मरीजों के बलगम के सैंपल लेकर जांच के लिए नागरिक अस्पताल कनीना की लैब में भेजे गए। कैंप के दौरान टीबीएचवी युद्धवीर एवं स्वास्थ्य कर्मी राजबीर ने ग्रामीणों को टीबी रोग के लक्षणों, बचाव एवं उपचार के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय से लगातार खांसी बनी हुई है, तो उसे तुरंत बलगम की जांच अवश्य करानी चाहिए। टीबी शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है, जैसे गले में गांठ, फेफड़ों की टीबी अथवा हड्डियों की टीबी, इसलिए समय पर जांच अत्यंत आवश्यक है। संवाद