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134ए : एमआईएस पोर्टल पर निजी स्कूल बच्चों के दाखिले की रिपोर्ट नहीं कर रहे अपडेट

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नारनौल। नियम-134ए के तहत 17 मई तक पहली लिस्ट में जारी बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला होगा। विभाग ने ऐसे बच्चों का ब्योरा एमआईएस पोर्टल पर निजी स्कूलों को उपलब्ध कराया है। जहां पर उन्हें बच्चे के दाखिले को लेकर रिपोर्ट करनी है। लेकिन, अधिकांश स्कूल एमआईएस पर ऐसे बच्चों की स्थिति को अपडेट नहीं कर रहे हैं जिन्हें दाखिला दिया है। । ऐसे में विभाग के 1335 बच्चों में से कितनों को दाखिला मिला है, इसकी सही जानकारी नहीं है।
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नोडल अधिकारी रतन सिंह ने बताया कि एमआईएस पोर्टल पर 134ए के तहत एक लिंक दिया गया है। संबंधित स्कूल एमआईएस पर जाकर क्लिक करे। यहां पर संबंधित बच्चे की जानकारी मिल जाएगी। बच्चे को दाखिला देने के बाद हां पर क्लिक कर दें। उन्होंने कहा कि यह सभी स्कूलों को करना जरूरी है। इससे विभाग को दाखिले के बारे में सही जानकारी मिल सकेगी। रतन ने बताया कि जिन छात्रों ने गलत आवेदन किया था, उन्हें दोबारा से स्कूल अलॉट हो चुका है। ऐसे बच्चे संबंधित स्कूल में प्रवेश ले। बता दें कि पहले 134ए के तहत 10 मई तक सभी बच्चों का निजी स्कूलों प्रवेश होना था। लेकिन, नारनौल ब्लॉक में 12 बच्चों, महेंद्रगढ़ 31 बच्चों ,अटेली 29 बच्चों, कनीना में 25 बच्चों व नांगल चौधरी में 15 बच्चों ने गलत दाखिला हो गया है। ऐसे में इन बच्चों की दूसरी लिस्ट जारी करनी पड़ी थी। 134ए के तहत जिस स्कूल में बच्चा पढ़ रहा है, उसे दोबारा से उसी स्कूल में प्रवेश नहीं मिल सकता।
ट्रांसपोर्ट पर पेंच फंसा
शहर के बड़े निजी स्कूलों ने बच्चों को सीधे तौर से प्रवेश देने से मना नहीं किया है। लेकिन, ऐसे बच्चों को ट्रांसपोर्ट की सुविधा देने से सीधे मना कर रहे हैं। स्कूलों का कहना है कि उनकी बसों में पहले से बच्चों की संख्या अधिक है। इस प्रकार की शिकायत विभाग को रोजाना मिल रही है। सोमवार को भी एक महिला शिकायत लेकर बीईओ आफिस पहुंची। महिला ने बताया कि बेटी का कक्षा सात में एक निजी स्कूल में हुआ है। स्कूल ने दाखिला लेने की बात तो कहीं लेकिन बस सेवा देने से मना कर दिया। ऐसे में महिला विभाग से स्कूल बदलने की मांग की है। दूसरी ओर विभाग की मजबूरी है कि ट्रांसपोर्ट के मामले में निजी स्कूलों पर सीधे कोई कार्रवाई नहीं कर सकता। बता दें कि जिले में कक्षा दो में 154, कक्षा तीन में 174, कक्षा चार में 152, कक्षा पांच में 144, कक्षा छह में 202, कक्षा सातवीं में 201, कक्षा आठवीं में 185, कक्षा नौंवी में 157, कक्षा 10 में 45 व कक्षा 12वीं में 14 बच्चों ने मेरिट लिस्ट में जगह बनाई है।
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