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गर्मी के साथ बढ़े उल्टी-दस्त के मरीज

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महेंद्रगढ़। गर्मी बढ़ने और खान-पान के कारण उल्टी, दस्त और डायरिया के मरीजों की अस्पतालों में संख्या बढ़ गई है। सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी दोगुनी हो गई है। इसमें बच्चों की संख्या अधिक है। अस्पताल के वार्ड भी फुल हो गए हैं। सामान्यत 400 से 450 तक की ओपीडी होती है। परंतु गर्मी बढ़ने पर ओपीडी की संख्या लगभग एक हजार पहुंच गई है। इस समय अस्पताल में दवा तो पूरी है, लेकिन चिकित्सकों की कमी है। मात्र दो चिकित्सकों के सहारे ओपीडी चल रही है। दो चिकित्सक की ड्यूटी आपातकालीन वार्ड में लगी है। गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है, अन्य को दवा देकर घर भेज दिया जाता है। अस्पताल पहुंचने वाले ज्यादातर वह मरीज होते हैं जो दिनभर बाहर रहते हैं। आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना है। शुक्रवार को महेंद्रगढ़ का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि शनिवार और रविवार को भी तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
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निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर मरीज
उप नागरिक अस्पताल में 12 चिकित्सकों का स्टाफ है। इस समय पांच चिकित्सक ही काम कर रहे हैं। दो चिकित्सकों की ड्यूटी इमरजेंसी में तथा दो चिकित्सक ओपीडी देख रहे हैं। एक महिला चिकित्सक है। कुछ चिकित्सक डेपुटेशन पर लगाए गए हैं। एसएमओ की पोस्ट भी पिछले दो महीने से खाली पड़ी है। स्टाफ की कमी के चलते एक चिकित्सक को 100 से 150 ओपीडी देखनी पड़ रही है। ऐसे में वो मरीज को एक या दो मिनट मुश्किल से दे पाते हैं। स्टाफ की कमी को देखते हुए बहुत से मरीज निजी अस्पतालों में जाकर इलाज करवा रहे हैं।

मरीज को लापरवाही पड़ सकती है भारी
गर्मियों में जरा-सी लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ जाती है। व्यक्ति बीमार पड़कर सीधे अस्पताल पहुंच जाता है। गर्मी में पेट की बीमारियां सबसे अधिक होती हैं, जिसका मुख्य कारण दूषित खानपान होता है। डिहाइड्रेशन के मरीज इस मौसम में सबसे अधिक सामने आते हैं। उप नागरिक अस्पताल में पिछले एक सप्ताह में अनेक मरीज डिहाइड्रेशन की शिकायत लेकर इलाज कराने पहुंचे हैं, जबकि ओपीडी में मरीजों की लाइन लगी हैं। प्राइवेट अस्पतालों में भी डायरिया व दस्त के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि अभी गर्मी और बढ़ेगी। इसलिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ
उप नागरिक अस्पताल के चिकित्सक अंशुल का कहना है कि गर्मी में शरीर को पानी की अधिक जरूरत होती है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। इस दौरान यह ध्यान रहे की पानी साफ हो। इस मौसम में बैक्टीरिया तेजी से फैलता है। थोड़ी सी लापरवाही संक्रमण का कारण बन सकती है। सड़क के किनारे रेहड़ियों पर खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि खुले में रखे होने के कारण इनसे संक्रमण व फूड प्वाइजनिंग होने का खतरा ज्यादा रहता है।

निजी अस्पतालों में भी पहुंच रहे हैं मरीज
सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी खासी संख्या में मरीज गर्मी की चपेट में आकर पहुंचे रहे हैं। श्याम अस्पताल के डॉ. भूषण कुमार ने बताया कि लोग लू की चपेट में आ रहे हैं। कुछ दिनों से डायरिया के मरीज बढ़ गए हैं। छोटे क्लीनिकों पर भी अधिक संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं।
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पिछले पांच दिन में ओपीडी की संख्या बढ़ी
तारीख ओपीडी
6 मई 640
7 मई 981
8 मई 680
9 मई 944
10 मई 600

खान-पान का रखें ध्यान
- भीषण गर्मी में प्रतिदिन चार से छह लीटर पानी पीएं।
- शिकंजी, जलजीरा, नींबू पानी, जूस, दही, मट्ठा पीएं
- ताजे फलों का सेवन करें।
- हल्का व सादा खाना खाएं। खाने के साथ सलाद अवश्य लें।
- हल्के एवं सूती कपड़े पहनें। पूरी बाजू की कमीज पहनें।
- धूप में न निकलें।
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