अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। मुख्यालय की मांग को लेकर महेंद्रगढ़ सम्मान संघर्ष समिति का धरना सोमवार को 11वें दिन भी जारी रहा। समिति के सदस्यों ने स्थानीय विधायक व प्रदेश के शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। धरनारत लोगों ने कहा कि जब तक मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा। समिति के सदस्यों ने कहा कि जिन नेताओं ने महेंद्रगढ़ जिला मुख्यालय के लिए आवाज नहीं उठाई उन सभी का लोकसभा चुनाव में विरोध किया जाएगा। समिति के सदस्य कुलदीप यादव ने कहा कि हरियाणा के अस्तित्व के समय के ही महेंद्रगढ़ जिला बना था। राजनीतिक कमजोरी के कारण पिछड़ता गया। इस क्षेत्र से राजनीति करने वालों ने कभी यहां जिला मुख्यालय की मांग को नहीं उठाया। जिला मुुख्यालय के लिए किसी ने गंभीरता से प्रयास नहीं किए। इस विधानसभा क्षेत्र से लगातार चुने गए नेताओं ने अपनी कुर्सी तक की खुद को सीमित रखा। इतने वर्षों के बाद भी क्षेत्र के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं शून्य है। विकास के मामले में यह जिला हरियाणा के सबसे पिछड़े जिलों की सूची में है। इसके लिए यहां के नेता जिम्मेदार हैं। जिन लोगों ने सत्ता में रहते हुए जिला मुख्यालय की मांग को नहीं उठाया उनके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। ऐसे लोगों का लोकसभा चुनाव में बहिष्कार किया जाएगा। इस अवसर पर राजबीर प्रधान, बाबूलाल महायच, विक्रम माजरा, सुरेंद्र भगड़ाना, नरेश खातोद, पवन खोला, संदीप झूक, बलबीर शर्मा, मुकेश बुचौली, अभय खातोद, सोमबीर खातोद, दीपक खातोद, मिंटू खातोद उपस्थित थे।