अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। विकास खंड निजामपुर में निजामपुर परिवर्तन योजना के तहत नारनौल में पुराने लघु सचिवालय में स्थित वन स्टाप सेंटर की सुविधाएं प्रदान की जा रही है। उपायुक्त डा. गरिमा मित्तल ने बताया कि विकास खंड निजामपुर में सरकार द्वारा क्रियान्वित योजनाओं से खंड के अंतिम छोर तक रहने वाले व्यक्ति को भरपूर लाभ मिलना चाहिए। ताकि इस योजना का साकार रूप सामने आ सके।
उन्होंने बताया कि परिवर्तन योजना के तहत होने वाले विकास कार्यों की समीक्षा की जाती है। इसी श्रृंखला में गत दिनों कृषि एवं किसान कल्याण बोर्ड के अतिरिक्त प्रधान सचिव अभिलक्ष्य लिखी की अध्यक्षता में कार्यों की समीक्षा के लिए बैठक का आयोजन किया गया था। बैठक में वन स्टाप सेंटर की सुविधाएं निजामपुर में प्रदान करने पर विचार विमर्श उपरांत वन स्टाप सेंटर की प्रबंधक वंदना यादव को मोबाइल प्रदान किया गया। जिसका नंबर 93064-54142 है। महिला शिकायतकर्ता अपनी पीड़ा किसी भी समय प्रबंधक को फोन कर बता सकती है। महिलाओं को सशक्त करने के लिए सरकार द्वारा अनेक योजनाएं तैयार की जा रही है। महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों पर अंकुश लगाने के लिए जहां महिला थानों की शुरूआत की गई है वहीं जिलों में वन स्टाप सेंटर भी शुरू किए गए हैं।
वन स्टाप सेंटर की शुरूआत के लिए उपायुक्त ने प्रत्येक सुविधा देने का भरसक प्रयास किया है। पुराने लघु सचिवालय में स्थित यह सेंटर कमरा नंबर 7-8 में कार्यरत है। इस सेंटर में महिलाएं अपनी समस्या को निर्भीक हो कर रख सकती हैं। इस सेंटर में जहां कानूनी सहायता की बात है या स्वास्थ्य जांच की सब निशुल्क हैं। पीड़ित महिला को केवल अपना आवेदन देना होगा या मोबाइल नंबर 9306454142 पर संपर्क कर सकती हैं। इस सेंटर में पीड़ित महिला को पांच दिन तक रखने की सुविधा है तथा इसके पश्चात महिला को एनजीओ द्वारा संचालित शाखा में भेजा जाता है। दूसरी पार्टी से निरंतर संपर्क बनाए जाते हैं तथा अथक प्रयास किया जाता है कि पीड़िता को राहत मिले एवं समझौता करवा कर परिवार में महिला को सम्मान सहित भेजा जाए। इस संस्था में कानूनी सहायता के लिए वकील, महिला थाने में जाने के लिए पुलिस सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं के अतिरिक्त काउंसलिंग का भी प्रावधान है। इस सेंटर में केवल महिला ही अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती है।
इस सेंटर में उत्पीड़ित महिलाओं को राहत देने के लिए 14 कर्मचारी कार्यरत है। इस संस्था में महिला आवेदन देने उपरांत प्रबंधक व काउंसलर के माध्यम से समस्या सुनी जाती है। काउंसिलिंग के उपरांत दोनों पक्षों का समझौता करवाया जाता है। अगर समझौता नहीं होता है तो महिला थाना, कोर्ट में अपील करनेे के लिए मार्ग दर्शन किया जाता है। इस संस्था में आठ साल तक के लड़के व किसी भी आयु वर्ग की लड़कियों को शिक्षा से संबंधित भी काउंसिलिंग का प्रावधान है।